मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के विकास, निवेश, सुशासन और सांस्कृतिक गौरव पर बड़ा बयान दिया। जानिए नक्सलमुक्त राज्य, निवेश और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की पूरी जानकारी।
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के विकास मॉडल, निवेश, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब “नक्सलमुक्त” राज्य बन चुका है, जो विकास और शांति की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। प्रदेश की पहचान “चीता स्टेट” के रूप में भी स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में चीतों की संख्या 53 से अधिक हो चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 का आयोजन देश के लिए गौरव का विषय होगा। इस आयोजन में 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसके लिए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 30 किलोमीटर तक नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्याय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके त्वरित न्याय के सिद्धांतों को वर्तमान शासन में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकता है।
निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाया गया। राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं और डीबीटी के माध्यम से उद्योगपतियों को सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से ज्यादा जमीन पर उतर चुके हैं। धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क भी स्थापित किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण के तहत लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। वर्तमान में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। कृषि और ग्रामीण विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दूध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
साथ ही, नदी जोड़ो परियोजना के तहत पार्वती लिंक और बेतवा लिंक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिससे सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और 19 धार्मिक स्थलों पर शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सकारात्मक आलोचना जरूरी है और सरकार सुशासन के विजन के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध है।