मध्यप्रदेश में 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म। NABH सर्टिफिकेट न देने पर कार्रवाई, भोपाल-इंदौर के कई अस्पताल प्रभावित।
भोपाल: मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्य में कुल 126 अस्पतालों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई उन अस्पतालों पर की गई है, जिन्होंने तय समय सीमा में NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
भोपाल-इंदौर के अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित
जानकारी के अनुसार, प्रभावित अस्पतालों में सबसे ज्यादा संख्या भोपाल और इंदौर की है।
- भोपाल के 51 अस्पताल
- इंदौर के 30 अस्पताल
इसके अलावा ग्वालियर और जबलपुर के अस्पताल भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
फ्री इलाज की सुविधा बंद
इन अस्पतालों में अब आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त इलाज बंद हो गया है। इससे योजना के लाभार्थियों को इलाज के लिए अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों का रुख करना होगा।
NABH सर्टिफिकेट क्यों जरूरी?
सरकार ने अस्पतालों की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NABH प्रमाणन अनिवार्य किया है। यह सर्टिफिकेट अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाओं और मानकों की पुष्टि करता है।
समय पर जानकारी न देने पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित अस्पतालों को पहले ही सर्टिफिकेट जमा करने के निर्देश दिए गए थे। समय सीमा पूरी होने के बाद भी जानकारी नहीं देने पर उनकी मान्यता रद्द कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि अस्पताल NABH से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज और मानकों को पूरा कर लेते हैं, तो दोबारा मान्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं।