मध्य प्रदेश के अनूपपुर के कोतमा में 4 मंजिला लॉज गिरने से 2 लोगों की मौत, कई दबे होने की आशंका। 100 सदस्यीय टीम रेस्क्यू में जुटी, खुदाई को हादसे की वजह माना जा रहा है।
अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। बस स्टैंड के पास स्थित 4 मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
शाम 5:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई। लॉज गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिल्डिंग गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज आई और पूरा क्षेत्र धूल से भर गया।
100 से ज्यादा लोग रेस्क्यू में जुटे
प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
- SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद
- 100 से अधिक लोगों की टीम रेस्क्यू में लगी
- जेसीबी और क्रेन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है
घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
SP बोले- कई लोग लॉज में ठहरे थे
अनूपपुर के एसपी मोती उर रहमान के अनुसार, हादसे के समय लॉज में कई लोग ठहरे हुए थे। अचानक बिल्डिंग गिरने से वे मलबे में दब गए। फिलहाल अंदर कितने लोग फंसे हैं, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है।
निर्माण कार्य बना हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लॉज के ठीक बगल में निर्माण कार्य चल रहा था। नींव के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था गड्ढे में पानी भरने से जमीन कमजोर हुई। इसी कारण लॉज का हिस्सा ढह गया। नगर पालिका उपाध्यक्ष बद्री प्रसाद ताम्रकार ने भी इस संभावना की पुष्टि की है।
मलबे से आ रही आवाजें, रेस्क्यू तेज
स्थानीय लोगों के अनुसार, मलबे के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। अब तक 5-6 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, 3-4 लोगों के फंसे होने की आशंका है। SDRF टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है घटना की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालात की निगरानी की जा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
करीब 10 साल पुरानी इस बिल्डिंग के गिरने के बाद निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर बगल में चल रहे निर्माण कार्य और उसकी निगरानी पर भी जांच की मांग उठ रही है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। आने वाले घंटों में राहत कार्य की प्रगति के साथ स्थिति और स्पष्ट होगी।