मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करते हुए प्रदेश के विकास को लेकर कई बड़े अहम फैसले लिए है।
Mohan Cabinet Meeting: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करते हुए प्रदेश के विकास को लेकर कई बड़े अहम फैसले लिए है। बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दी।
भोपाल बनेगा मेट्रोपॉलिटन सिटी
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया की भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने और आसपास के शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भोपाल को विदिशा से जोड़ने वाले मार्ग को 2-लेन से 4-लेन और आवश्यकतानुसार 6-लेन में बदला जाएगा। इस परियोजना की स्वीकृत राशि 1,467 करोड़ से बढ़ाकर 1,617 करोड़ कर दी गई है।
मुआवजा व शोल्डर निर्माण
ग्रामीण कृषि भूमि के नए मल्टीप्लिकेशन फैक्टर और शोल्डर निर्माण के कारण इसमें 140 करोड़ की और वृद्धि हुई है। अब कुल 1,757 करोड़ की लागत से 17 साल की अवधि वाली यह एकीकृत परियोजना पूरी की जाएगी। इससे भोपाल और विदिशा के बीच उद्योग, लॉजिस्टिक्स और होटल इंडस्ट्री को बड़ा बाजार मिलेगा। भोपाल बायपास पर आगामी 5 वर्षों के लिए टोल संग्रहण बढ़ाने की अनुमति प्रदान की गई है।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च यूनिट के लिए मुफ्त जमीन
प्रदेश के किसानों और सोयाबीन उत्पादकों के हित में कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए सीहोर जिले की इछावर तहसील के औरखेड़ी में इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च को सोयाबीन इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए जमीन निःशुल्क आवंटित करने की स्वीकृति दी है। यह रिसर्च यूनिट सोयाबीन की नई किस्मों और उत्पादन तकनीकों पर काम कर किसानों को जागरूक करेगी।
सुरक्षा, पुरस्कार राशि
प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा बल की पहली बटालियन खंडवा में गठित की जाएगी। इसके अलावा पुलिस विभाग में 27,500 से अधिक कर्मियों की पदोन्नति की गई है। रानी दुर्गावती पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख और रानी अवंतीबाई पुरस्कार की राशि 1 लाख करने का निर्णय लिया गया है। वही देवास हादसे के कारणों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे योजना के तहत 1,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएग और तेंदूपत्ता और वनोपज समितियों के लाभांश का वितरण केवल स्थानीय निवासियों और वास्तविक संग्राहकों को ही दिए जाने की व्यवस्था पर सहमति बनी।