छत्तीसगढ़ के महासमुंद में गुरुवार के दिन कांग्रेस नेताओं के बीच मारपीट हुई। इस दौरान नेताओं ने एक दूसरे कुर्सियां-गिलास फेंके। वहीं, विजय साव पर FIR दर्ज। जानें पूरा मामला।
महासमुंदर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में गुरुवार दोपहर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। हालात ऐसे बने कि नेताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकीं, गिलास तोड़े और कपड़े तक फट गए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भड़का विवाद
महंगाई के मुद्दे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव की पत्रकार वार्ता खत्म होते ही माहौल बदल गया। जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने आरोप लगाया कि उन्हें और कई अन्य पदाधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस की सही जानकारी नहीं दी गई। बस यही बात चिंगारी बनी। पहले हल्की बहस हुई, फिर आवाजें ऊंची हुईं और कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
गुस्से में टूटे कांच के गिलास
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ा कि नेताओं ने पास रखी प्लास्टिक कुर्सियां उठाकर फेंकनी शुरू कर दीं। कांच के गिलास जमीन पर पटक दिए गए, जिससे वे चकनाचूर हो गए।
कपड़े फटे, नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा
तीनों नेताओं जिनमें विजय साव, ढेलू निषाद और निर्मल जैन के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ती देख अन्य पदाधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा, लेकिन काफी देर तक मामला शांत नहीं हुआ।
सख्ती के बाद शांत हुआ मामला
जब हालात नियंत्रण से बाहर हो गए तो जिला अध्यक्ष ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की। लेकिन कुछ नेता कांग्रेस भवन छोड़ने को तैयार नहीं थे। आखिरकार सख्ती बरतने के बाद स्थिति काबू में आई।
एक हफ्ते पहले बने उपाध्यक्ष पर FIR
इस पूरे विवाद के बाद जिला उपाध्यक्ष विजय साव के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है। विजय साव वार्ड नंबर-28 के पार्षद हैं और तीन बार पार्षद रह चुके हैं। उन्हें हाल ही में, करीब एक हफ्ते पहले ही जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था।
संगठन पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह घटना सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रही खींचतान की ओर इशारा करती है। ऐसे समय में जब महंगाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, अंदरूनी विवाद पार्टी की छवि पर असर डाल सकते हैं।