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इंदौर में नगर निगम का ऑफिस अधीक्षक 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

इंदौर में नगर निगम का ऑफिस अधीक्षक 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

इंदौर में नगर निगम का ऑफिस अधीक्षक 7000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Lokayukta action : इंदौर, मध्यप्रदेश। लोकायुक्त कार्यालय इंदौर ने बुधवार को एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त ने नगर निगम के जोन क्रमांक 18 के ऑफिस अधीक्षक संजय वैध को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता संजय सिंगोलिया (40 वर्ष, निवासी 38 चिटनीस का पूर्वा, लाला रामनगर, इंदौर) की शिकायत पर की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि संजय वैध ने उनकी नियुक्ति के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

जानकारी के अनुसार, संजय सिंगोलिया वर्ष 2008 से जुलाई 2024 तक नगर निगम इंदौर के जोन क्रमांक 11 और 18, वार्ड क्रमांक 63 में मस्टर ड्रेनेज कर्मी के रूप में कार्यरत थे। 18 जुलाई 2024 को अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन के आदेश पर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। इसके बाद, 13 मई 2025 को उपायुक्त नगर निगम ने उन्हें पुनः जोन क्रमांक 18 में ड्रेनेज कर्मी के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी किया। जब शिकायतकर्ता इस आदेश के साथ संजय वैध से मिले, तो वैध ने नियुक्ति के लिए पहले 20,000 रुपये की मांग की, जिसे बाद में 15,000 रुपये में तय कर लिया। वैध ने उसी दिन शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये ले लिए और बाकी 10,000 रुपये देने पर नियुक्ति देने का वादा किया।

शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को की। शिकायत के सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने 21 मई 2025 को ट्रैप दल का गठन किया। ट्रैप दल ने वर्ल्ड कप चौराहा पुल के नीचे संजय वैध को शेष 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान के नेतृत्व में की गई, जिसमें निरीक्षक राहुल गजभिये, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, आशीष नायडू, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, श्री कृष्ण अहिरवार और चालक शेर सिंह ठाकुर शामिल थे।

आरोपी संजय वैध के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, और आगे की जांच जारी है।

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