Breaking News
  • लखनऊ में दुबई से आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग,154 यात्री थे
  • रायसेन में राष्ट्रीय कृषि महोत्सव- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल
  • आर्टेमिस II मिशन- चंद्रमा का चक्कर लगाकर लौटे 4 एस्ट्रोनॉट
  • 12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे: सबसे ज्यादा UP में 2.04 करोड़ नाम कटे
  • ईरान से बातचीत करने पाकिस्तान पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति, ईरानी डेलिगेशन प्लेन में बच्चों की फोटो रखकर पहुंचा

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

Cheetah KGP-2 Gives Birth to 4 Cubs in Kuno

Kuno National Park: मादा चीता KGP-2 ने दिए 4 शावक, खुले जंगल में पहली सफल डिलीवरी

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP-2 ने 4 शावकों को जन्म दिया। यह खुले जंगल में पहली सफल डिलीवरी है, जिससे भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो गई।


kuno national park मादा चीता kgp-2 ने दिए 4 शावक खुले जंगल में पहली सफल डिलीवरी

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण परियोजना को बड़ी सफलता मिली है। मादा चीता KGP-2 ने खुले जंगल में 4 शावकों को जन्म दिया है। इस घटना के बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

  पहली बार जंगल में सफल प्रसूति

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है। 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम के बाद यह पहली बार है, जब किसी चीता ने प्राकृतिक जंगल वातावरण में सफलतापूर्वक शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह भारतीय मूल की मादा चीता की पहली सफल डिलीवरी है।

कूनो बना चीतों का सुरक्षित घर

विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो नेशनल पार्क का वातावरण चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है।

  • प्राकृतिक आवास में प्रजनन संभव हुआ
  • वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिली
  • परियोजना की सफलता दर बढ़ी

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस सफलता पर खुशी जताई और वन विभाग की टीम को बधाई दी। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब चीतों के संरक्षण और विस्तार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

 भारत में चीतों की संख्या बढ़ी

इस नई उपलब्धि के साथ देश में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत का चीता पुनर्स्थापन मिशन धीरे-धीरे सफलता की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

Related to this topic: