श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में एक महीने के चार चीता शावकों की मौत हो गई। शव आंशिक रूप से खाए मिले हैं। वन विभाग ने शिकार की आशंका जताई है।
श्योपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगल में जन्मी मादा चीता केजीपी-2 के चारों शावक मृत पाए गए हैं। 12 मई 2026 की सुबह जब मॉनिटरिंग टीम श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन पहुंची, तब उन्हें डेन साइट के पास शावकों के शव मिले।
वन विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शावकों के शव आंशिक रूप से खाए हुए पाए गए हैं। इन शावकों का जन्म 11 अप्रैल 2026 को हुआ था और वे महज एक महीने के थे। मॉनिटरिंग टीम ने 11 मई की शाम को इन्हें अंतिम बार जीवित देखा था।
शावकों की मौत के बाद घटी चीतों की संख्या
फील्ड डायरेक्टर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अब कुल 50 चीते बचे हैं। इनमें से 33 चीते वे हैं, जिनका जन्म भारत में ही हुआ है। इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य में भी तीन चीते मौजूद हैं। देश में अब चीतों की संख्या 57 से घटकर 53 रह गई है।प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य जंगली जानवर ने इनका शिकार किया है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
मादा चीता पूरी तरह स्वस्थ
राहत की बात यह है कि मादा चीता केजीपी-2 पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। विभाग की टीम फिलहाल उस क्षेत्र की कड़ी निगरानी कर रही है।