कोरबा में LPG और ईंधन स्टॉक को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिले में सिर्फ दो दिन का गैस स्टॉक बचा है, जबकि दो पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एलपीजी और ईंधन सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में घरेलू गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक बचा है, जबकि दो पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ती खपत और सप्लाई प्रभावित होने से प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करने की अपील की है। जिले में 28 एलपीजी वितरकों के जरिए तीन लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाई जाती है। इनमें उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार भी शामिल हैं।
दो दिन का ही बचा LPG स्टॉक
14 मई 2026 तक जारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 5,876 एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि 8,142 बुकिंग अभी लंबित हैं। दैनिक खपत को देखते हुए यह स्टॉक सिर्फ दो दिन के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। इंडियन ऑयल के पास 1.2 दिन, भारत पेट्रोलियम के पास 3.2 दिन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पास 2.3 दिन का स्टॉक बचा है। प्रशासन ने कंपनियों को लंबित बुकिंग जल्द निपटाने और जरूरत के मुताबिक इंडेंट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
दो पेट्रोल पंप हुए ड्राई
कोरबा जिले में कुल 104 रिटेल आउटलेट हैं। इनमें से दो पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई बताए गए हैं। इनमें इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम का एक-एक आउटलेट शामिल है। कई अन्य पेट्रोल पंपों पर भी सप्लाई प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन के मुताबिक कुछ जगहों पर देर से इंडेंट भेजने, असामान्य मांग बढ़ने और लाइसेंस अपडेट जैसी वजहों से समस्या पैदा हुई है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
जिले में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा दर्ज किया गया है। देर रात नई दरें लागू होने के बाद पेट्रोल 103 रुपये 25 पैसे और डीजल 96 रुपये 25 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कुल मिलाकर जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता अभी सामान्य बनी हुई है। फिलहाल जिले में 913 किलोलीटर पेट्रोल और 1,057 किलोलीटर डीजल उपलब्ध बताया गया है।
गर्मी और बढ़ती खपत से बढ़ा दबाव
मई महीने में पेट्रोल की औसत खपत 186 किलोलीटर और डीजल की 523 किलोलीटर दर्ज की गई है। गर्मी बढ़ने के साथ ईंधन और गैस की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि प्रशासन स्थिति को संवेदनशील मानकर रोजाना समीक्षा कर रहा है। कुछ पेट्रोल पंपों पर डिब्बे में पेट्रोल नहीं देने की सूचना भी लगाई गई है ताकि अनावश्यक स्टॉकिंग रोकी जा सके।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
जिला प्रशासन ने कहा है कि सप्लाई बहाल करने के लिए तेल विपणन कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में अतिरिक्त गैस बुकिंग या ईंधन स्टॉक करने की कोशिश न करें। प्रशासन का दावा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द प्रभावित आउटलेट्स पर सप्लाई सामान्य करने की कोशिश जारी है।