छत्तीसगढ़ के कोरबा में पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में 583 लोगों की घर वापसी का दावा। कोंडागांव में भी 6 लोगों ने मूल धर्म अपनाया, कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए गए।
कोरबा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की घर वापसी हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिसने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत बांगोली में मंगलवार को दो परिवारों के छह सदस्यों ने मूल धर्म में वापसी की। इस अवसर पर उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। इन परिवारों ने लगभग तीन वर्ष पहले धर्म परिवर्तन किया था।
हालेलुया वालों की ठठरी बारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कन्वर्जन पर कहा था कि यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी बारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा।
हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कन्वर्जन कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक उनका जीवन रहेगा, तब तक वे हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब घर वापसी कर रहे हैं।
परिवारों को इलाज के नाम पर किया गया था भ्रमित
कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत बांगोली में दो परिवारों के छह सदस्यों ने मूल धर्म में वापसी की। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय इन परिवारों को इलाज और सहायता के नाम पर भ्रमित किया गया था। हालांकि, पिछले कुछ समय से इनके मन में अपने मूल धर्म और परंपराओं की ओर लौटने की इच्छा जागृत हो रही थी।