प्रयागराज से मुंडन कर लौट रहे परिवार की गाड़ी कौशांबी में कंटेनर से टकराई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, ड्राइवर को झपकी आने की आशंका।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कौशांबी से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जिसने एक ही परिवार की खुशियों को पल भर में मातम और चीख पुकार में बदल दिया। दरअसल, प्रयागराज में बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही 8 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 5 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।
रास्ते में ही खत्म हो गई खुशियां
जानकारी अनुसार, यह परिवार फतेहपुर के जहानाबाद और बिंदकी इलाके का रहने वाला था। रामनवमी पर्व के चलते संगम पर धार्मिक रस्म पूरी करने के बाद सभी बेहद खुश थे और घर लौट रहे थे। लेकिन कौशांबी के सैनी इलाके में डोरमा गांव के पास उनकी गाड़ी अचानक हादसे का शिकार हो गई। वाहन में सवार 27 लोग जो कुछ देर पहले तक हंसते-खेलते सफर कर रहे थे। वही लोग अचानक काल के गाल में समा गए।
टक्कर लगते ही मौके पर मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों तक सुनाई दी। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर देख सन्न रह गए। पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। हादसे में घायल लोगों की चारों तरफ चीख-पुकार थी। कई लोग गाड़ी में फंसे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ड्राइवर को आई झपकी और फिर
पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे की वजह ड्राइवर को आई झपकी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एक पल के लिए नियंत्रण छूटा और तेज रफ्तार गाड़ी सीधे कंटेनर में जा घुसी। यह लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है, इस हादसे ने फिर से दिखा दिया है।
कई घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
हादसे में घायल लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य चलाया, साथ ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही यह खबर फतेहपुर पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। जिन घरों में खुशी का माहौल था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
सीएम योगी ने जताया दुख
योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रशासन को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही सभी घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे पर खड़े भारी वाहन, लंबी ड्राइव के बाद ड्राइवरों की थकान और तेज रफ्तार ये तीनों मिलकर अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते हैं। सवाल वही है क्या इस बार कुछ बदलेगा, या ये दर्दनाक खबरें यूं ही आती रहेंगी।