कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में उनके खिलाफ 38 फर्जी केस हैं। गिरफ्तारी के डर से चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे। बयान से सियासी हलचल तेज।
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। रतलाम में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ वहां 38 फर्जी केस दर्ज हैं और कई वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में बंगाल जाने पर उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी ने उन्हें चुनाव प्रचार में जाने से मना किया है, ताकि किसी नए विवाद से बचा जा सके।
‘बजरंगबली की कृपा से जिंदा हूं’
अपने पिछले अनुभवों का जिक्र करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, “मैं जिंदा बैठा हूं तो बजरंगबली की कृपा है, नहीं तो मेरी फोटो पर माला लग जाती।” उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे उनके बंगाल अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ममता सरकार पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक माहौल बदल रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सभाओं में लोग 10 से 15 किलोमीटर दूर से पैदल पहुंच रहे हैं, जो बदलाव का संकेत है।
अन्य मुद्दों पर भी खुलकर बोले
इस दौरान विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम से जुड़े विवाद, प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के साथ अपने संबंधों पर भी अपनी बात रखी। उनके इस बयान को आगामी चुनावों से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।