जबलपुर के बरगी डैम में तेज आंधी के बीच पर्यटन विभाग का क्रूज डूब गया। अब तक 9 शव मिले, 22 लोगों को बचाया गया है जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार शाम बड़ा जल हादसा हो गया। बरगी डैम में पर्यटन विभाग का क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम के बीच अचानक डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। प्रशासन के मुताबिक 15 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय क्रूज में 40 से 45 पर्यटक सवार थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रातभर SDRF, प्रशासन और स्थानीय टीमें राहत कार्य में जुटी रहीं। शुक्रवार सुबह आर्मी और स्पेशल रेस्क्यू टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया।
तेज आंधी के झोके से पलटा क्रूज
प्रशासन के अनुसार हादसा डैम के किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। अचानक मौसम बिगड़ने और तेज हवाएं चलने के कारण क्रूज अनियंत्रित हो गया। घटना के समय हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है।बरगी सिटी CSP अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन SDRF ने संभाला, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन गया। शुक्रवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन तेज किया गया।
आर्मी, हेलिकॉप्टर और पैरामिलिट्री टीम तैनात
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों की मदद ली है। आर्मी की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। हैदराबाद से विशेष रेस्क्यू टीम और हेलिकॉप्टर भेजा गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री की स्पेशल यूनिट जबलपुर पहुंच गई है।डैम में करीब 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। गैस कटर से क्रूज को काटकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश भी की गई।
“संभलने का मौका ही नहीं मिला”
क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि मौसम अचानक खराब हुआ और तेज तूफान के चलते स्थिति बेकाबू हो गई। उनके मुताबिक सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन हालात इतने तेजी से बदले कि यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।महेश पिछले 10 वर्षों से क्रूज संचालन का अनुभव रखते हैं। हादसे के बाद उनका बयान जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

एक ही परिवार के 15 लोग थे सवार
आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य अपने परिवार के 15 सदस्यों के साथ घूमने पहुंचे थे। उनके माता-पिता डैम किनारे मौजूद थे, जबकि पत्नी, बच्चे और अन्य सदस्य क्रूज में सवार थे।कामराज मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिवार के एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता हैं। इस खबर के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
अब तक चार मृतकों की पहचान
प्रशासन ने अब तक जिन मृतकों की पहचान की है, उनमें शामिल हैं:
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नीतू सोनी (43)
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सौभाग्यम अलागन (42)
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मधुर मैसी (62)
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काकुलाझी (38)
बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
20 साल पुराना बताया जा रहा क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में संचालित यह क्रूज वर्ष 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। विभाग के अनुसार डैम में दूसरा क्रूज पहले से खराब पड़ा हुआ है।हादसे के बाद प्रशासन ने लापता और सुरक्षित बचाए गए लोगों की सूची भी जारी की है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।