इंदौर में आयोजित प्रमुखजन गोष्ठी में RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ विचारों की अभिव्यक्ति उसके स्वयंसेवक हैं और उद्देश्य राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना है।
इंदौर में प्रमुखजन गोष्ठी आयोजित
संघ के विचार राष्ट्रीय विचार है। संघ समाजहित में कार्य कर रहा है। संघ प्रवाह है, यह उद्देश्य के साथ बह रहा है। उद्देश्य है राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना। उसी उद्देश्य को लेकर डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना की। संघ की शाखा में खेल होते हैं, लेकिन वो स्पोर्ट्स क्लब नहीं है। शाखा में संचलन होता है, लेकिन वह पैरामिलिट्री फोर्स नहीं है। शाखा में सेवा कार्य होते हैं, लेकिन वह एनजीओ नहीं है। राजनीतिक दल नहीं है। संघ विचारों की अभिव्यक्ति उसके स्वयंसेवक हैं, जो व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और इसी से राष्ट्र निर्माण का कार्य शाखा के माध्यम से सतत करते हैं.
उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मैरियट होटल के पास स्थित जीएसआईएमआर में रविवार दोपहर को प्रमुखजन गोष्ठी में व्यक्त किए। यह गोष्ठी लेखन श्रेणी के लिए आयोजित की गई थी। इस गोष्ठी में संपादक, लेखक, पत्रकार, साहित्यकार आदि उपस्थित थे। ईश्वर शर्मा ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। श्रीरंग पेंढारकर ने आभार प्रदर्शन किया।
समाज शक्ति को दिया महत्व
श्री आंबेकर ने कहा स्वतंत्रता के पूर्व देश की समस्या सभ्यता के जीवन में नकारात्मक परिवर्तन आने से थी। इसके कारण समाज की एकता कमजोर हो गई। समाज में संगठन नहीं बन पा रहा था, इसलिए डॉ. हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन हिन्दू समाज संगठन के उद्देश्य से संघ की स्थापना की। इस देश में धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक परंपरा पर आघात हुआ था। इस हेतु समाज में आग्रह का अभाव था। स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयंसेवक अपने-अपने स्तर पर शामिल हुए थे। उस समय डॉ. हेडगेवार ने व्यक्ति निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। समाज आधारित संगठन, जैविक तरीके से संगठन का विस्तार किया। इसका दूरगामी परिणाम दिखाई दिए।