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Railway Crowd Plan for Simhastha 2028

सिंहस्थ में स्टेशन पर नहीं उमड़ेगी बेकाबू भीड़, रेलवे ने बनाया बड़ा क्राउड मैनेजमेंट प्लान

सिंहस्थ के लिए रेलवे ने उज्जैन में नई क्राउड मैनेजमेंट रणनीति तैयार की है। यात्री सीधे प्लेटफॉर्म पर नहीं पहुंचेंगे। आसपास के चार स्टेशनों का भी विकास किया जाएगा।


सिंहस्थ में स्टेशन पर नहीं उमड़ेगी बेकाबू भीड़ रेलवे ने बनाया बड़ा क्राउड मैनेजमेंट प्लान

Ujjain Railway Station Crowd Management plan for Simhastha |

अनुराग तागड़े 

इंदौर। सिंहस्थ के दौरान रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे बड़े स्तर पर क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत यात्रियों की भीड़ को सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने देने के बजाय पहले विशेष होल्डिंग एरिया में व्यवस्थित किया जाएगा और ट्रेनों की उपलब्धता तथा प्लेटफॉर्म की स्थिति के अनुसार चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाएगा।उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 और 8 की ओर विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है। यहां यात्रियों के लिए बड़े कवर एरिया बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों में पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों तक लगातार सही सूचना पहुंचाने के लिए नियमित उद्घोषणाओं के साथ पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे द्वारा भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अत्यधिक भीड़ के समय स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों का दबाव नियंत्रित करना तथा उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

चार आसपास के स्टेशन बांटेंगे उज्जैन का यात्री दबाव

सिंहस्थ के दौरान पूरा यात्री दबाव उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन पर न आए, इसके लिए आसपास के चार रेलवे स्टेशनों और फ्लैग स्टेशनों को भी विकसित किया जा रहा है। पिंगलेश्वर, पवासा, चिंतामन गणेश और मोहनपुरा में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।इन स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और कवर शेड बनाए जा रहे हैं। स्टेशनों के दोनों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इससे यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश को भी रोका जा सकेगा।सिंहस्थ के दौरान इन स्टेशनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विशेष ट्रेनों और यात्री यातायात की योजना इस प्रकार बनाई जाएगी कि उज्जैन मुख्य स्टेशन पर एक साथ अत्यधिक दबाव न बने और यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशनों के माध्यम से भी यात्रा की सुविधा मिल सके।

हर गतिविधि पर सीसीटीवी की नजर

रेलवे की योजना में सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। स्टेशन परिसर, प्रवेश और निकासी क्षेत्रों तथा भीड़ वाले प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त तैनाती रहेगी।भीड़ के प्रवाह की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी एक स्थान पर यात्रियों का दबाव बढ़ने पर उन्हें वैकल्पिक रास्तों और निर्धारित क्षेत्रों की ओर भेजने की व्यवस्था रहेगी। लगातार होने वाली उद्घोषणाएं और प्री-रिकॉर्डेड संदेश यात्रियों को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

सिंहस्थ के लिए रेलवे के 800 से 1000 करोड़ के काम

सिंहस्थ की तैयारियों के तहत रेलवे उज्जैन और आसपास के रेलवे नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं, प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, कवर शेड, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों पर करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।रेलवे की तैयारी केवल अतिरिक्त ट्रेनें चलाने तक सीमित नहीं है। इस बार विशेष जोर इस बात पर है कि यात्री स्टेशन तक कैसे पहुंचेंगे, कहां प्रतीक्षा करेंगे, किस तरह प्लेटफॉर्म तक जाएंगे और ट्रेन से उतरने के बाद किस मार्ग से स्टेशन से बाहर निकलेंगे।

देश के 72 स्टेशनों के लिए भी तैयार हो रहा मॉडल

रेलवे देश के 72 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। बड़े धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर अचानक बढ़ने वाली यात्री संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसरों में भीड़ के नियंत्रित प्रवाह की व्यवस्था तैयार की जा रही है।उज्जैन सिंहस्थ के लिए तैयार हो रही व्यवस्था इस दिशा में महत्वपूर्ण मॉडल साबित हो सकती है। होल्डिंग एरिया, वैकल्पिक रेलवे स्टेशनों का उपयोग, लगातार सूचना प्रसारण, सीसीटीवी निगरानी और आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त व्यवस्था के माध्यम से रेलवे सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है।

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