Breaking News
  • MP में गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन
  • राजस्थान में अप्रैल में सर्दी, उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी: देश के 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट
  • 'जहरीले सांप' बयान पर नितिन नवीन बोले-ये कांग्रेस की भाषा
  • सोना 1 हजार गिरकर 1.51 लाख पर आया, चांदी की कीमत 9 हजार कम होकर 2.35 लाख हुई
  • असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में वोटिंग

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

IAS Anurag Yadav Removed After Clash with CEC

IAS अनुराग यादव पर कार्रवाई: CEC से बहस के बाद चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाए गए

यूपी कैडर के IAS अनुराग यादव को CEC से बहस के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाया गया। पिछले 15 दिनों में यह दूसरा बड़ा विवाद है।


ias अनुराग यादव पर कार्रवाई cec से बहस के बाद चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाए गए

IAS Removal News |

भारत निर्वाचन आयोग ने यूपी कैडर के 2000 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव पर एक्शन लिया है। उनको पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में चुनाव पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई तीखी बहस के बाद की गई।

सूत्रों के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने संबंधित विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशनों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी। अनुराग यादव तत्काल स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर आयोग की ओर से नाराजगी जताई गई। इसके बाद बातचीत का लहजा तीखा हो गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में हुआ टकराव

बताया जा रहा है कि टिप्पणी से असहज हुए अधिकारी ने जवाब देते हुए अपनी सेवा अवधि का हवाला दिया और कहा कि उनसे इस तरह बात नहीं की जा सकती। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए निर्वाचन आयोग ने उसी दिन देर रात उन्हें पर्यवेक्षक पद से हटा दिया।

इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की कार्रवाई को सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

15 दिनों में दूसरा बड़ा मामला

अनुराग यादव का नाम हाल के दिनों में लगातार सुर्खियों में रहा है। करीब 10 दिन पहले ही उन्हें उत्तर प्रदेश के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव पद से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया था। उन पर ‘AI PUCH’ नामक एक कथित कंपनी के साथ 25,000 करोड़ रुपये का एमओयू साइन करने का आरोप लगा था। विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया, जिसके बाद सरकार ने उनका तबादला कर दिया।

प्रशासनिक करियर पर उठे सवाल

आजमगढ़ के रहने वाले अनुराग यादव का प्रशासनिक अनुभव लंबा रहा है। वे जौनपुर, झांसी और लखनऊ जैसे जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कृषि, शहरी विकास और वित्त जैसे विभागों में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।

जनवरी 2025 में उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था। फिलहाल वे समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभाग में तैनात हैं, लेकिन हालिया घटनाओं ने उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि होती है, ऐसे में आयोग का यह फैसला एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

Related to this topic: