ग्वालियर में आगरा के युवक ने पत्नी को बीच सड़क पर पीटा और तीन बार तलाक बोलकर फरार हो गया। पुलिस ने मुस्लिम महिला अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां आगरा निवासी एक युवक ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर बीच सड़क पर तीन बार ‘तलाक’ बोलकर उससे रिश्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।
सड़क पर पत्नी को दौड़ाकर पीटा
डीडी नगर निवासी 24 वर्षीय समायरा खान ने पुलिस को बताया कि 17 दिसंबर 2025 की रात उसका पति अशमन खान उसके घर पहुंचा और विवाद के बाद मारपीट शुरू कर दी।जान बचाने के लिए वह घर से निकलकर डीडी नगर गेट की तरफ भागी, लेकिन आरोपी ने वहां भी उसे पकड़ लिया। राहगीरों के सामने ही उसने पत्नी के साथ मारपीट की।पीड़िता के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने गुस्से में तीन बार ‘तलाक-तलाक-तलाक’ कहा और चिल्लाते हुए बोला कि अब उसका उससे कोई संबंध नहीं है।
मुस्लिम महिला अधिनियम के तहत केस दर्ज
महाराजपुरा थाना पुलिस ने आरोपी अशमन खान के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा 4 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
शादी के बाद से शुरू हो गया था विवाद
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 10 जून 2025 को आगरा निवासी अशमन खान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी।उसका आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही पति उसे प्रताड़ित करने लगा था। कई बार उसे घर से भी निकाल दिया गया। परेशान होकर वह ग्वालियर के बीएसएफ कॉलोनी इलाके में किराए का कमरा लेकर रहने लगी थी।
रिश्ता बचाने की कोशिश भी बेकार गई
समायरा का कहना है कि लगातार विवाद के बावजूद उसने रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन पति ने कोई पहल नहीं की।वह न तो उसे वापस लेने आया और न ही संपर्क किया। हालात बिगड़ने के बाद आखिरकार उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
ट्रिपल तलाक कानून फिर चर्चा में
इस घटना के बाद एक बार फिर ट्रिपल तलाक कानून चर्चा में आ गया है। केंद्र सरकार ने 2019 में मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम लागू किया था, जिसके तहत एक साथ तीन तलाक बोलना दंडनीय अपराध है।कानून का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं को त्वरित तलाक जैसी प्रथा से सुरक्षा देना और उन्हें कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना बताया गया था।