ग्वालियर में 79 चालान के बाद भी वाहन चालक पर कार्रवाई नहीं। 52 करोड़ के ITMS सिस्टम के बावजूद यातायात व्यवस्था पर सवाल, नियम तोड़ने वालों में नहीं डर।
शहर की सड़कों पर कानून का मजाक किस तरह उड़ रहा है, इसकी सबसे बड़ी मिसाल वह वाहन चालक है, जिसके घर 79 बार ई-चालान भेजे गए, लेकिन न उसने जुर्माना भरा, न ही प्रशासन ने उसे रोकने की कोशिश की। हालात इतने बदतर हैं कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस तक निलंबित नहीं किए जा रहे, जिससे सिस्टम की गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 52 करोड़ रुपए खर्च कर 31 प्रमुख चौराहों पर लगाए गए इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का मकसद शहर में अनुशासन लाना था, लेकिन यह सिस्टम अब सिर्फ चालान काटने तक सीमित होकर रह गया है। वसूली भी नहीं हो रही और कार्रवाई भी नहीं। नतीजा वाहन चालक बेखौफ होकर नियम तोड़ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई वाहन चालक पिछले एक साल में 50 से ज्यादा बार रेड लाइट जंप करते कैमरे में कैद हुए। हर बार चालान भेजा गया, लेकिन न तो जुर्माना वसूला गया और न ही इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कोई सख्त कदम उठाया गया। जबकि नियम साफ है कि तीन बार से ज्यादा उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। इसके बावजूद पुलिस और आरटीओ की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
परिवहन विभाग ने नहीं की कार्रवाई
यातायात नियमों का उल्लंघन लगातर तीन बार से अधिक करने पर वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजा जाता है। वहां से तीन या छह माह के लिए लाइसेंस निरस्त किया जाता है। हालांकि उक्त मामलों में प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
इन्होंने सबसे ज्यादा तोड़े यातायात नियम
नाम- चालान
राम स्वरूप सिंह-79
राम कुमार गोयल-44
राम अवतार सिंह भदौरिया- 51
ऋषिपाल सिंह किरार-59
अरविंद शर्मा-52
विकास शर्मा-41
अजय सिंह चौहान-50
राम प्रताप सिंह-29
मोहित सिंह-38
मुकेश कुमार त्रिवेदी-39