ग्वालियर में फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एक ही फोटो और आधार से सैकड़ों सिम एक्टिव थे। ऑपरेशन FACE के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। साइबर फ्रॉड से जुड़ने की आशंका।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जो सुनने में जितना साधारण लगता है। पर उतना आसान नहीं है। एक फोटो और उसी के सहारे सैकड़ों सिम कार्ड एक्टिव हैं। यह कोई छोटी-मोटी गड़बड़ी नहीं बल्कि एक पूरा नेटवर्क था। यह चुपचाप काम कर रहा था। मामला तब खुला जब जिस शख्स की फोटो इस्तेमाल हो रही थी वही खुद पुलिस के पास पहुंच गया। इसके बाद यहीं से पूरी कहानी पलट गई।
कैसे चल रहा था फर्जी सिम का खेल?
पुलिस जांच में सामने आया कि एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) शॉप संचालक ने इस पूरे नेटवर्क को खड़ा किया था। आरोपी एक ही व्यक्ति के आधार और फोटो का इस्तेमाल कर अलग-अलग लोगों के नाम पर सिम जारी कर रहा था। उसका साथी, ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम एक्टिवेट करता था। यानी कागजों में नाम किसी और का, फोटो किसी और की और सिम किसी तीसरे के हाथ में होती थी।
पैसों का पूरा खेल
जानकारी के अनुसार आरोपियों को इस काम में मोटी कमाई भी हो रही थी। साथी को हर सिम पर करीब ₹500 मिल रहे थे। वहीं, ग्राहक से वसूली ₹1000 से ₹1500 तक होती थी। यानी एक सिम पर ही अच्छा खासा मुनाफा मिल रहा था। वहीं, जब सैकड़ों सिम की बात हो तो अंदाजा लगाया जा सकता है।
ऑपरेशन ‘FACE’ में पहली बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय भोपाल के ऑपरेशन ‘FACE’ के तहत की गई है। यह अभियान खास तौर पर फेशियल ऑथेंटिकेशन और सिम वेरिफिकेशन में हो रही गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा है। ग्वालियर में यह इस ऑपरेशन की पहली बड़ी FIR मानी जा रही है।
पुलिस को कैसे मिला सुराग?
पूरे मामले का खुलासा काफी दिलचस्प तरीके से हुआ। जिस व्यक्ति की फोटो बार-बार इस्तेमाल हो रही थी। उसे जब इसकी भनक लगी तो वह सीधे पुलिस के पास पहुंच गया। इसके बाद जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरा नेटवर्क सामने आने लगा।
साइबर फ्रॉड से जुड़ सकता है मामला
पुलिस को शक है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में किया गया होगा। अगर यह बात सही निकली, तो आने वाले दिनों में कई पुराने साइबर फ्रॉड केस भी इससे जुड़ सकते हैं। यानी यह मामला सिर्फ फर्जी सिम तक सीमित नहीं रहेगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कुछ सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।