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Guna Police Hawala Case Action

गुना में सिवनी जैसा ‘कैश डील’ का खेल: 1 करोड़ की जब्ती के बाद 20 लाख पर सौदेबाजी, ऐसे हुए खुलासा

गुना में 1 करोड़ कैश बरामदगी के बाद 20 लाख की कथित डील का मामला सामने आया। डीआईजी जांच के बाद चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी।


गुना में सिवनी जैसा ‘कैश डील’ का खेल 1 करोड़ की जब्ती के बाद 20 लाख पर सौदेबाजी ऐसे हुए खुलासा

MP Police News |

गुना। मध्यप्रदेश के गुना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए नकद पकड़ा गया। लेकिन आरोप है कि मामला वहीं दबाने की कोशिश हुई। फिर 20 लाख रुपए की डील की चर्चा वायरल हो गई।

मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। देर रात तक पूछताछ के बाद पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन की कार्रवाई भी हो गई।

देर रात पूछताछ के बाद 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी खुद मौके पर पहुंचे और धरनावदा थाना व रूठियाई चौकी में घंटों पूछताछ की। पूछताछ के बाद यह माना गया कि वाहन चेकिंग के दौरान तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध रहा। इसके बाद एसपी अंकित सोनी ने थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं।

20 लाख की ‘डील’ का आरोप

दरअसल, यह पूरा मामला गुरुवार-शुक्रवार की रात का बताया जा रहा है। रूठियाई चौकी के पास चेकिंग के दौरान गुजरात नंबर की एक स्कॉर्पियो को रोका गया। तलाशी में करीब 1 करोड़ रुपए नकद मिले। नियम के अनुसार इतनी बड़ी रकम मिलने पर इनकम टैक्स और सीनियर अधिकारियों को सूचना देना जरूरी था। लेकिन आरोप है कि चौकी स्तर पर ही मामला ‘मैनेज’ करने की कोशिश की गई।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस और कारोबारी के बीच 20 लाख रुपए में सौदेबाजी हुई। इसके बाद 80 लाख रुपए लेकर वाहन को छोड़ दिया गया।

आईपीएस के फोन के बाद ‘रिफंड’ की चर्चा

मामले ने तब और तूल पकड़ा जब यह बात सामने आई कि गुजरात के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कथित तौर पर 20 लाख रुपए वापस कर दिए गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इसी के बाद मामला तेजी से ऊपर तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में भी इस केस की चर्चा होने लगी।

पहली नजर में गड़बड़ी साफ

डीआईजी अमित सांघी ने कहा कि पहली नजर में यह साफ है कि 19 मार्च की चेकिंग के दौरान जो कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अभी कोई फरियादी सामने नहीं आया है। लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही वाहन में सवार लोगों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस महकमे में हलचल, जांच आगे बढ़ेगी

इस कार्रवाई के बाद गुना पुलिस में हलचल साफ देखी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है। जांच आगे बढ़ेगी और अगर किसी अन्य की भूमिका सामने आती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस उस कारोबारी और बरामद रकम की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है। वहीं, रूठियाई चौकी पर सन्नाटा सा पसरा हुआ है।

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