गाजियाबाद के Ex-मुस्लिम सलीम वास्तिक को हमले के 7 दिन बाद ICU में होश आया है। डॉक्टरों ने कहा कि वह अभी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं हमलावरों के पिता ने पुलिस एनकाउंटर को फर्जी बताया।
गाजियाबाद में खुद को Ex-मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक को हमले के करीब सात दिन बाद होश आ गया है। वह फिलहाल Max Hospital के ICU में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अस्पताल की ओर से उनके बेटे उस्मान को एक छोटा सा वीडियो दिया गया है। करीब 5 सेकेंड के इस वीडियो में सलीम अस्पताल के बेड पर लेटे नजर आते हैं। उनके गले पर टांके हैं और ऑक्सीजन सपोर्ट लगा हुआ है। डॉक्टर के कहने पर वे आंख खोलते हैं और जीभ बाहर निकालकर प्रतिक्रिया देते दिखाई देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में सुधार जरूर है, लेकिन अभी वह बोलने की स्थिति में नहीं हैं। आगे चलकर वे बोल पाएंगे या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।
बेटे ने कहा - जख्म गहरे हैं, ठीक होने में समय लगेगा
सलीम के बेटे उस्मान और परिवार के कुछ लोग अस्पताल में मौजूद हैं। उस्मान के मुताबिक, 27 फरवरी को हुए हमले के बाद से उनके पिता की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें GTB Hospital में भर्ती कराया गया था, बाद में हालत देखते हुए मैक्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। उस्मान ने कहा कि 5 मार्च को पहली बार उन्हें होश आया। डॉक्टरों ने बताया कि चाकू के हमले से लिवर को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका इलाज दवाओं से किया जा रहा है। उनके मुताबिक जख्म काफी गहरे हैं, इसलिए पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है।

पत्नी को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया
सुरक्षा के मद्देनजर सलीम की पत्नी को पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। परिवार पहले अशोक विहार इलाके में रहता था, लेकिन पुलिस ने सटीक लोकेशन सार्वजनिक नहीं की है। अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मैक्स हॉस्पिटल के बाहर क्यूआरटी पुलिस वैन तैनात की गई है और स्थानीय पुलिस लगातार डॉक्टरों के संपर्क में बनी हुई है।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का इंतजार
परिवार का कहना है कि सलीम के इलाज पर लगभग 50 लाख रुपए तक खर्च आने की संभावना है। फिलहाल परिवार अपनी जमा पूंजी और कुछ लोगों की मदद से इलाज का खर्च उठा रहा है। हाल ही में पिंकी चौधरी, जो हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि संगठन और समाज की ओर से अब तक 4 से 5 लाख रुपए तक की मदद की जा चुकी है और आगे भी सहयोग किया जाएगा।
हमलावरों के पिता बोले बेटों का फर्जी एनकाउंटर हुआ
इस मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया है। सलीम पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने अमरोहा के दो भाइयों जीशान और गुलफाम को मुठभेड़ में मार गिराया था। अमरोहा में उनके पिता बुनियाद अली ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर उनके बेटे दोषी थे तो उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाना चाहिए था।
पुलिस अभी मास्टरमाइंड की तलाश में
फिलहाल पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि सलीम वास्तिक पर हुए हमले के पीछे असल साजिशकर्ता कौन था। इसी वजह से पुलिस जीशान और गुलफाम के संपर्क में रहे लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है , अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है ।