सीहोर जिले के आष्टा में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। सड़कें जलमग्न हो गईं, घरों-दुकानों में पानी घुसा और तेज बहाव में एक बाइक बहने का वीडियो वायरल हो गया।
सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नगर की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कुछ ही घंटों की बारिश ने पूरे इलाके को पानी में डुबो दिया। सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और कई जगह हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। दुकानों और घरों में पानी घुसने से लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। वहीं सड़कों पर फंसे वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
कन्नौद रोड पर यातायात ठप
कन्नौद रोड पर सबसे गंभीर स्थिति देखने को मिली। यहां जलभराव के कारण वाहन एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा सके। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि यह मार्ग करीब एक घंटे तक पूरी तरह जाम रहा और लोगों को पैदल निकलने पर मजबूर होना पड़ा।
तेज बहाव में बह गई बाइक
कुछ इलाकों में पानी का बहाव इतना तेज था कि दोपहिया वाहन संतुलन खो बैठे। एक बाइक पानी के तेज बहाव में बहती हुई नजर आई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह घटना नगर में जलभराव की गंभीरता और कमजोर निकासी व्यवस्था को उजागर करती है।
स्कूलों के आसपास जलभराव से बढ़ी चिंता
पुष्प विद्यालय और आसपास के शिक्षण संस्थानों के पास भी पानी भर गया। स्कूल छुट्टी के समय बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्था की मांग तेज हो गई है।
नगर पालिका की तैयारी पर उठे सवाल
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नालों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल यही स्थिति बनती है। कई जगहों पर गाद जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।
स्थायी समाधान की मांग तेज हुई
बारिश के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सिर्फ अस्थायी राहत नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि यह अब केवल असुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा और आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन चुका है।