लखनऊ पुलिस ने 10 लाख रुपये की नकली सिगरेट ज़ब्त की और MP से दो तस्करों को गिरफ़्तार किया। यह गिरोह UP और बिहार में नकली सिगरेट की सप्लाई करता था। जाँच जारी है।
लखनऊ में नकली सिगरेट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच और पारा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब ₹10 लाख कीमत की नकली सिगरेट बरामद की है। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई शनिवार शाम पारा के जीरो प्वाइंट इलाके में की गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने एक संदिग्ध कार को रोका, जिसमें तलाशी के दौरान 3940 डिब्बी नकली सिगरेट बरामद हुई। मौके से ग्रे रंग की वरना कार भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।
दिल्ली से लाकर यूपी-बिहार में सप्लाई
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादाब अली (30) और शोएब अली (32) के रूप में हुई है। दोनों मुरैना (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली के सदर बाजार से नकली सिगरेट लाते थे और फिर उत्तर प्रदेश व बिहार के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मोबाइल फोन के जरिए ऑर्डर लेता था और तय लोकेशन पर माल की डिलीवरी करता था। इससे यह साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे।
पुलिस की निगरानी में था गिरोह
मुखबिर की सूचना पर पुलिस आयुक्त के निर्देश में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई में पुलिस उपायुक्त (अपराध) और अन्य अधिकारियों की टीम सक्रिय रही। दोनों आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क अधिनियम और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
नकली प्रोडक्ट्स से स्वास्थ्य और बाजार दोनों को खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली सिगरेट न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती हैं। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है।