छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सिलेंडर ब्लास्ट ने एक परिवार को खत्म कर दिया। धमाके में पिता समेत 3 मासूम जिंदा जल गए, जबकि पूरा पक्का मकान मलबे में बदल गया।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार शाम एक भीषण सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुम्हारी थाना क्षेत्र की महामाया बस्ती में हुए धमाके में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। विस्फोट इतना तेज था कि पक्के मकान की दीवारें तक उड़ गईं। टीनशेड और ईंटें दूर-दूर तक जा गिरीं। आग लगने के बाद घर में फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
खाना बनाते समय हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार के सदस्य घर में खाना बना रहे थे। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। आशंका जताई जा रही है कि पहले गैस लीक हुई और फिर आग लगते ही धमाका हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
चार लोगों की मौत
पुलिस के अनुसार हादसे में होमदास वैष्णव, उनकी बेटियां लक्ष्मी और चांदनी, साथ ही दो साल की मासूम गोपिका की मौत हो गई। फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक घर पूरी तरह जल चुका था। मलबे से चारों के शव निकाले गए। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में मातम पसरा हुआ है।
जांच में जुटी पुलिस
दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती जांच में गैस लीकेज की आशंका सामने आई है। सिलेंडर, रेगुलेटर या पाइप में खराबी हादसे की वजह हो सकती है। फॉरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस आसपास के लोगों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या किसी और वजह से।
मंत्री ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और प्रशासन को जरूरी मदद के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और घटना की पूरी जांच कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि यह राशि नियमों के तहत मिलने वाली सहायता से अलग होगी। साथ ही प्रभावित परिवारों के रहने और जरूरी इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा और सिलेंडर जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।