दतिया कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखड़े और एसपी ने गांव में रात बिताई। बुजुर्ग के निमंत्रण पर घर पहुंचे, ग्रामीणों से संवाद और समस्याओं का समाधान किया।
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसंपर्क की अनोखी मिसाल देखने को मिली। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज वर्मा ने ग्राम बीकर में न केवल ग्रामीणों से संवाद किया, बल्कि पूरी रात गांव में ही रुककर लोगों के बीच समय बिताया।
रात 10 बजे का भावुक पल
दौरे के दौरान रात करीब 10 बजे एक बुजुर्ग कलेक्टर से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके एक साल के पोते का जन्मदिन है और वे कलेक्टर को घर आमंत्रित करना चाहते हैं। कलेक्टर ने बताया कि भोजन के बाद यह निमंत्रण मिला, जिसे वे मना नहीं कर सके। इसके बाद वे और एसपी दोनों बुजुर्ग के घर पहुंचे और बच्चे को आशीर्वाद दिया। यह पल गांव के लिए बेहद भावनात्मक रहा।
सुबह पैदल भ्रमण और जनसंवाद
अगली सुबह कलेक्टर और एसपी ने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया। उन्होंने कई किसानों के घर जाकर चाय पी और खेती-बाड़ी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की।
इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी साझा कीं।
स्कूल निरीक्षण और बच्चों से संवाद
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सरकारी स्कूल का दौरा किया और बच्चों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की। उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
चौपाल में दिए सख्त निर्देश
ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने साफ-सफाई, सड़क और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याएं रखीं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
प्रशासन और जनता के बीच बढ़ा भरोसा
इस पूरे दौरे को ग्रामीणों ने प्रशासन और जनता के बीच मजबूत जुड़ाव का उदाहरण बताया। गांव में कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी ने लोगों में विश्वास और संवाद को और मजबूत किया।