छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से टोल दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। अब वाहन चालकों को हर प्लाजा पर ₹5 ज्यादा देना होगा। वार्षिक पास ₹3075 का होगा। FASTag अनिवार्य रहेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए 1 अप्रैल से खर्च थोड़ा बढ़ने वाला है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इसका असर सीधे आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। अब हर टोल प्लाजा पार करते समय 5 रुपए ज्यादा देने होंगे। यह देखने में छोटी रकम लग सकती है। लेकिन रोज आने-जाने वालों के लिए यह बढ़ोतरी महसूस होगी।
हर टोल पर ₹5 ज्यादा की बढ़ोतरी
नई दरों के अनुसार, बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ रूट पर आने वाले सभी टोल प्लाजा में बढ़ोतरी लागू होगी। बिलासपुर जिले के प्रमुख टोल- भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा से गुजरने वाले करीब एक लाख वाहन रोजाना इस बदलाव से प्रभावित होंगे।
अलग-अलग कैटेगरी में अलग असर
-हल्के वाहनों पर न्यूनतम ₹5 की बढ़ोतरी
-कुछ श्रेणियों में ₹10 से ₹20 तक बढ़ोतरी
-रिंग रोड पर निजी और हल्के वाहनों को राहत,
-पर भारी गाड़ियों पर असर
-एनुअल पास भी महंगा
इतना ही नहीं कार मालिकों के लिए सालाना पास की कीमत भी बढ़ा दी गई है। अभी: ₹3000 यही रेट बढ़कर 1 अप्रैल से: ₹3075 हो जाएगा। इस पास में 200 टोल क्रॉस करने की लिमिट रहती है। यानी रेगुलर ट्रैवलर्स के लिए अब सालाना खर्च भी थोड़ा बढ़ेगा।
क्यों बढ़ते हैं टोल रेट?
टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय होती हैं। हर साल इसका रिव्यू होता है और उसी हिसाब से नई दरें लागू की जाती हैं। सड़क की लंबाई, फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल जैसी सुविधाएं भी टोल तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इस बार करीब 2.5% की वृद्धि की गई है। सालाना रिवीजन का हिस्सा है।
FASTag अनिवार्य, कैश पर पेनल्टी
टोल प्लाजा पर अब कैश पेमेंट पूरी तरह बंद रहेगा। इसके लिए FASTag जरूरी हो गया है। बिना FASTag के दोगुना टोल देना होगा। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की व्यवस्था रहेगी।
स्थानीय लोगों को राहत
वाहन चालकों के लिए एक राहत की खबर भी है। स्थानीय पासधारकों को पुराने रेट पर ही यात्रा की सुविधा मिलती रहेगी। 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए यह छूट जारी रहेगी। जिससे उन्हें ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
NHAI का क्या कहना है?
एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्यालय के निर्देश पर की गई है और सड़क रखरखाव के खर्च को ध्यान में रखते हुए जरूरी थी। अब देखना होगा कि बढ़े हुए टोल का असर यात्रियों की जेब पर कितना भारी पड़ता है… खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना हाईवे पर सफर करते हैं।