Breaking News
  • दिल्ली के विवेक विहार में एसी ब्लास्ट, चार मंजिला इमारत में लगी आग, नौ की मौत; रेस्क्यू जारी
  • कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर माइनिंग हटाते समय IED ब्लास्ट, 4 जवान शहीद: इसमें DRG के इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल शामिल
  • धनबाद-कोयला खदान में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत, मलबे का बड़ा हिस्सा गिरने से हादसा
  • बंगाल की फालता सीट पर वोटिंग EC ने रद्द की, 21 मई को दोबारा मतदान, 24 को आएगा रिजल्ट
  • MP-राजस्थान समेत 8 राज्यों में आंधी-बारिश, देश के 4 शहरों में तापमान 44°C पार

होम > प्रदेश > छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Liquor Scam ED Raid

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 13 ठिकानों पर रेड से खुली 2883 करोड़ की परतें

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED ने 13 ठिकानों पर छापेमारी कर 5.39 करोड़ की जब्ती की। 2883 करोड़ के इस केस में बड़े नेताओं और अफसरों की भूमिका जांच के दायरे में है।


छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ed का बड़ा एक्शन 13 ठिकानों पर रेड से खुली 2883 करोड़ की परतें

ED Raid In Raipur |

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई तेज कर दी है। 2883 करोड़ रुपये से जुड़े इस मामले में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी ने नई हलचल पैदा कर दी। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 13 जगहों पर हुई रेड में नकदी और सोना जब्त हुआ। जांच एजेंसी को यहां से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी मिले हैं।

यह मामला सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं दिख रहा। इसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी गठजोड़ की परतें सामने आ रही हैं।

13 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

ईडी ने पीएमएलए के तहत यह छापेमारी की। जिन जगहों पर कार्रवाई हुई, उनमें शराब कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कारोबारी समूह और कॉर्पोरेट संस्थाएं शामिल हैं। एजेंसी को शक है कि इन सभी का संबंध घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को संभालने या छिपाने से है। यही वजह है कि अलग-अलग शहरों में एक साथ दबिश दी गई।

रेड में क्या मिला

तलाशी के दौरान करीब 53 लाख रुपये नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए। सोने की कीमत करीब 4.86 करोड़ रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर 5.39 करोड़ रुपये की जब्ती हुई। इसके अलावा कई दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी अब जांच की जा रही है।

कैसे बना 2883 करोड़ का नेटवर्क

जांच में सामने आया कि 2019 से 2022 के बीच शराब कारोबार में अवैध कमीशन का बड़ा खेल चला। लाइसेंसिंग, खरीद और बिक्री हर स्तर पर कथित वसूली की गई। इसमें राजनीतिक हस्तियों, वरिष्ठ अफसरों, शराब निर्माताओं और लाइसेंसधारकों की भूमिका की बात सामने आई है। ईओडब्ल्यू और एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में इस नेटवर्क को संगठित साजिश बताया है।

बड़े नाम जांच के घेरे में

इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक रिटायर्ड आईएएस, आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे तक शामिल हैं। जांच एजेंसी अलग-अलग कड़ियों को जोड़ रही है। इसमें हवाला नेटवर्क, नकदी मैनेजमेंट और राजनीतिक कनेक्शन भी जांच के दायरे में हैं।

संपत्तियों पर भी कसा शिकंजा

ईडी अब तक करीब 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। इसमें जमीन, मकान, बैंक बैलेंस, वाहन और शेयर शामिल हैं। इन संपत्तियों को आरोपी और उनकी कथित बेनामी कंपनियों से जोड़ा गया है। कई मामलों में कुर्की को न्यायिक मंजूरी भी मिल चुकी है।

अदालत में चल रही सुनवाई

ईडी ने अब तक 81 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोग शिकायतें दाखिल की हैं। ये मामले रायपुर की विशेष अदालत में चल रहे हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी इस घोटाले को लेकर कानूनी बहस जारी है। ताजा छापेमारी के बाद जांच और तेज होने के संकेत हैं।

 

Related to this topic: