छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया समेत 3 के खिलाफ नई चार्जशीट पेश की। अब तक 51 आरोपियों पर केस दर्ज, जांच जारी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में जांच एजेंसी ने कार्रवाई तेज कर दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को विशेष न्यायालय में नवम पूरक चालान पेश किया है। इस चार्जशीट में सौम्या चौरसिया समेत तीन प्रमुख आरोपियों को नामजद किया गया है।
इस चालान में केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
पद का दुरुपयोग कर सिंडिकेट को संरक्षण
ईओडब्ल्यू की जांच में सौम्या चौरसिया की भूमिका को अहम बताया गया है। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने पूर्व में उप सचिव के पद पर रहते हुए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।
जांच के अनुसार, उन्होंने कथित शराब सिंडिकेट को प्रशासनिक स्तर पर सहयोग और संरक्षण दिया। साथ ही पूरे नेटवर्क के संचालन में समन्वय की भूमिका निभाई, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हुआ।
अवैध रकम के लेन-देन में भूमिका
जांच में देवेंद्र डडसेना के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं। आरोप है कि उन्होंने अवैध राशि को प्राप्त करने और उसे सुरक्षित रखने का कार्य किया। साथ ही इस रकम को आगे भेजने में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वहीं, केके श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने अवैध वसूली तंत्र में हिस्सा लिया और नकदी के परिवहन, प्रबंधन और निवेश में भूमिका निभाई।
जांच जारी, और नाम आ सकते हैं सामने
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार यह मामला अभी खुला हुआ है और इसमें अन्य शासकीय अधिकारियों, राजनीतिक व्यक्तियों और निजी संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इस मामले में आने वाले समय में और भी पूरक चालान पेश किए जा सकते हैं।
एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और बड़े नामों पर भी कार्रवाई संभव है, जिससे यह मामला और व्यापक हो सकता है।