छत्तीसगढ़ के राजगढ़ में 2 करोड़ की अवैध अफीम खेती का भंडाफोड़, 15 दिन के अंदर चौथा मामला, विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने करीब एक एकड़ जमीन में फैली नशीली फसल को जब्त किया है। इस कार्रवाई में लगभग 2 करोड़ रुपये की अफीम बरामद की गई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके का है। जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि पाझर नाला के पास संदिग्ध खेती की जा रही है। जांच के बाद पता चला कि खेत में तरबूज और ककड़ी के नाम पर अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे।

60 हजार से ज्यादा पौधे और तैयार अफीम जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 60,326 अफीम के पौधे जब्त किए, जिनका वजन करीब 2,877 किलो बताया गया है। इसके अलावा 3 किलो तैयार अफीम भी बरामद हुई है। जानकारी के अनुसार जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
झारखंड से आकर बसाया नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (40) मूल रूप से झारखंड के खूंटी जिले का रहने वाला है। करीब 10 साल पहले उसने आमाघाट की रहने वाली महिला से शादी की और यहीं बस गया। वह कभी झारखंड तो कभी रायगढ़ में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध अफीम की खेती शुरू कर दी।

दबिश में एक गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस ने खेत और आरोपी के ठिकानों पर छापा मारा, जहां से मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसके दो साथी—इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा—मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने इलाके में रातभर निगरानी भी रखी।
कई खसरा नंबरों की जमीन पर खेती
जांच में सामने आया कि यह खेती पांच अलग-अलग खसरा नंबरों की निजी और परियोजना भूमि पर की जा रही थी। इससे यह मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि इसमें जमीन के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
राजनीति भी गरमाई, सरकार पर आरोप
इस घटना के सामने आने के बाद सियासी माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी अवैध खेती बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है।
पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और सरकार इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रही।

15 दिनों में चौथा मामला
जानकारी के लिए आपको बता दें, कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों के भीतर अफीम की खेती पकड़े जाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले दुर्ग और बलरामपुर जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे राज्य में अवैध नशे के नेटवर्क के फैलने की आशंका और बढ़ गई है।