जनगणना 2027 में मकान सूचीकरण के दौरान 33 सवाल अनिवार्य होंगे। छत, दीवार, बिजली, पानी, इंटरनेट समेत कई जानकारियां देनी होंगी।
जनगणना 2027 के तहत इस बार लोगों को अपने घर से जुड़ी बेहद विस्तृत जानकारी देनी होगी। मकान सूचीकरण चरण में घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, यह बताना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही घर की स्थिति, उपयोग, कमरों की संख्या, शौचालय, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवालों के जवाब मांगे जाएंगे।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 17 अप्रैल से 1 मई तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 2 मई से 31 मई तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।
मकान सूचीकरण में 33 सवाल
मकान सूचीकरण के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि घर पक्का है या कच्चा, फर्श और छत किस प्रकार की है, मकान किराए का है या स्वयं का, परिवार में कितने सदस्य हैं, मुखिया का नाम व लिंग क्या है और परिवार किस सामाजिक वर्ग से संबंधित है। इसके अलावा विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, उसकी उपलब्धता, प्रकाश का स्रोत और शौचालय की सुविधा से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
मोबाइल और इंटरनेट की भी होगी गणना
इस बार जनगणना में आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। घर में मोबाइल फोन, इंटरनेट सुविधा, रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर या लैपटॉप की उपलब्धता की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप और वैन जैसे वाहनों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।इसके अलावा गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की व्यवस्था, रसोईघर, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन और खाना पकाने में उपयोग होने वाले ईंधन की जानकारी भी देनी होगी। परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रमुख खाद्यान्न जैसे चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा और मक्का से संबंधित जानकारी भी सर्वे का हिस्सा होगी, जिससे जीवन स्तर का आकलन किया जा सके।जनगणना अधिनियम के तहत सभी नागरिकों के लिए सही और पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार डेटा संग्रहण को अधिक सटीक और व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।