बिलासपुर के IMA सभा भवन में अवैध मतांतरण के आरोप के बाद हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन कर पुलिस में शिकायत दी। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में IMA सभा भवन में कथित मतांतरण गतिविधियों के आरोप को लेकर रविवार को तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने तारबाहर थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
IMA भवन को लेकर क्या हैं आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि IMA सभा भवन में कुछ लोगों द्वारा आर्थिक सहायता, मुफ्त चिकित्सा, बेहतर जीवन और अन्य प्रलोभन देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायत में मांग की गई है कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कानूनी कार्रवाई की भी मांग
हिंदू संगठनों ने शिकायत में कहा है कि यदि जांच के दौरान आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के तहत मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में धर्म परिवर्तन से जुड़ी शिकायतों पर कानून का प्रभावी पालन जरूरी है।
पुलिस ने क्या कहा
तारबाहर पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे मामले का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो कानून के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।