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Bhopal Sandipani Schools Improvement Plan

भोपाल के सांदीपनि स्कूलों का परिणाम संतोषजनक, गुणवत्ता और बेहतर बनाने पर विभाग का फोकस

भोपाल के सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं का परिणाम संतोषजनक रहा। शिक्षा विभाग ने गुणवत्ता सुधार, जवाबदेही तय करने और आधुनिक सुविधाओं पर फोकस बढ़ाया।


भोपाल के सांदीपनि स्कूलों का परिणाम संतोषजनक गुणवत्ता और बेहतर बनाने पर विभाग का फोकस

Sandipni School Result |

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित सांदीपनि विद्यालयों में इस वर्ष कक्षा ९ वीं और ११ वीं का परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहा है। हालांकि विभाग का मानना है कि इन परिणामों को और बेहतर बनाया जा सकता है, जिसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

भोपाल जिले के ८ सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा ९ वीं का औसत परिणाम ४८ प्रतिशत तथा ११ वीं का ७६ प्रतिशत रहा। वहीं सामान्य स्कूलों में यह क्रमश: ५४ और ८० प्रतिशत रहा है। विभाग ने इसे सुधार की दिशा में एक आधार मानते हुए आगामी सत्र में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य तय किया है।

प्रदेश में 274 विद्यालय, आधुनिक सुविधाओं पर जोर

गौरतलब है कि प्रदेश में वर्ष २०२२-२३ से २७४ सांदीपनि विद्यालय शुरू किए गए हैं। वर्तमान में ये विद्यालय जिला मुख्यालयों पर संचालित हो रहे हैं और इनमें से २५४ स्कूलों के लिए आधुनिक भवन एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शासन ने इन विद्यालयों के लिए लगभग १० हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। भोपाल जिले के ८ सांदीपनि विद्यालयों में से एक कमला नेहरू विद्यालय का खुद का नया भवन बनकर इसमें कक्षाएं शुरू हो चुकी है। बाकी विद्यालयों के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। नए सत्र २०२६-२७ में ये विद्यालय पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। 

शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान

इन विद्यालयों में प्राचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति भी चयन परीक्षा के माध्यम से की गई है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। विभाग का मानना है कि उपलब्ध संसाधनों और प्रशिक्षण के साथ आने वाले समय में परिणाम और बेहतर होंगे। इसके लिए बेहतर परिणाम पाने प्राचार्यों और शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी। इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण से शिक्षा गुणवत्ता को और ऊंचा उठाने की तैयारी की जा रही है।

बेहतर परिणाम के लिए जवाबदेही तय

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक परिणाम के बावजूद गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। संयुक्त संचालक स्तर पर सभी विद्यालयों के परिणामों की समीक्षा की जा रही है और जहां अपेक्षित सुधार की गुंजाइश है, वहां प्राचार्यों और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि ये विद्यालय आगामी वर्षों में १० वीं और १२ वीं बोर्ड परीक्षाओं में और उत्कृष्ट परिणाम दें। वर्तमान में कक्षा ९ और ११ में इन विद्यालयों में लगभग २००० विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षण से मजबूत होगा शैक्षणिक स्तर

सांदीपनि विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। राजधानी भोपाल के दो विद्यालय नए भवनों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जहां स्मार्ट क्लासरूम, समृद्ध लाइब्रेरी, खेल मैदान, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन शालाओं के शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, इसके लिए करोड़ों रुपए का बजट दिया गया हैं। विभाग का मानना है कि इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

ये रहे परिणाम (प्रतिशत में)

क्रमांक ७ स्कूल ७ ९वीं ७ ११वीं
सांदीपनि महात्मा गांधी — ६१ — ८०
सांदीपनि बरखेड़ी — ५४ — ७७
सांदीपनि बर्रई — ४६ — ३९
सांदीपनि बैरसिया — ३६ — ७६
सांदीपनि कन्या कमला नेहरू — ७० — ९०
सांदीपनि निशातपुरा — ३६ — ६६
सांदीपनि करोंद — ४३ — ६२
सांदीपनि गोविंदपुरा — ५३ — ८९

भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार का कहना है कि जिले के सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा ९वीं और ११वीं के परीक्षा परिणाम संतोषजनक हैं। हम इनका विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं और जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से सुझाव भी लिया जाएगा।

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