29 जुलाई को भोपाल में गुरु पूर्णिमा पर विभिन्न मंदिरों और संस्थानों में विशेष योगों के बीच पूजा और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी। शहर में 18 से अधिक स्थानों पर शिष्य अपने गुरु के चरण पखारकर उनका आशीर्वाद लेंगे। गायत्री शक्तिपीठ परिवार, करुणाधाम आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था सहित डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर गुरु पूर्णिमा मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इस बार गुरु पूर्णिमा पर मंगल, बुध, गुरु और शनि के अनुकूल स्थिति में विराजमान होने के कारण कई शुभ योग बन रहे हैं। इनमें रूचक योग, भद्र योग, हंस योग और शश नामक राजयोग शामिल हैं। मां चामुंडा दरबार की ओर से पं. रामजीवन दुबे गुरुजी के नेतृत्व में गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। वहीं, नेहरू नगर स्थित ज्योतिष मठ संस्थान में भी यह उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।इस बार पांच हजार से अधिक शिष्य गुरुदक्षिणा अर्पित कर अपने गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेंगे। शिष्य अपने-अपने गुरु स्थलों पर पहुंचकर उन्हें उपहार भेंट करेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
बता दें कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने चारों वेदों का संकलन एवं रचना की थी। इसी कारण उन्हें प्रथम गुरु का दर्जा दिया जाता है।
गुरु मंत्र प्राप्ति का मुहूर्त
गुरु पूर्णिमा पर इंद्र योग प्रातःकाल से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में जो व्यक्ति गुरु मंत्र ग्रहण करता है, उसे सर्वत्र विजय की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार गुरु पूर्णिमा पर मंगल, बुध, गुरु और शनि की अनुकूल स्थिति के कारण रूचक योग, भद्र योग, हंस योग और शश नामक राजयोग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में गुरु के चरणों का वंदन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
इन मंदिरों में होंगे पूजा और भंडारे
कोटरा स्थित मां पीतांबरा बगलामुखी मंदिर में सुबह 7 बजे से गुरु पूजा और भंडारे का आयोजन होगा। पांच नंबर स्टॉप स्थित विश्वनाथ मंदिर में आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी पीठ परिषद की ओर से दोपहर 12:30 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा पटेल नगर स्थित दादाजी धाम और श्यामला हिल्स स्थित धूनी वाले दादा दरबार में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आषाढ़ पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 29 जुलाई को प्रातः 4 बजे से होगा।