देवास के खिवनी अभयारण्य से लाए गए घायल नर बाघ 'युवराज' का उपचार भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में चल रहा है।
भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के रेस्क्यू सेंटर में देवास के खिवनी अभयारण्य से लाए गए घायल नर बाघ 'युवराज' का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बाघ का 27 जून को रेस्क्यू कर वन विहार लाया गया था।
आपसी संघर्ष में हुआ था गंभीर रूप से घायल
वन विभाग के अनुसार, खिवनी अभयारण्य में दूसरे बाघ के साथ आपसी संघर्ष के दौरान 'युवराज' गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के रेस्क्यू सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
दोनों अगले पंजों में फ्रैक्चर की पुष्टि
शुक्रवार को राज्य पशु चिकित्सालय, जहांगीराबाद के वरिष्ठ वेटरिनरी सर्जन डॉ. एस.के. तुमड़िया, वन विहार के वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता और पशु चिकित्सक डॉ. विनीत ने बाघ का विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किया।डॉ. विनीत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बाघ के दोनों अगले पैरों और पिछले बाएं पैर में गहरे घाव मिले हैं। एक्स-रे जांच में दोनों अगले पंजों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। वहीं पिछले बाएं पैर के गहरे घाव पर छह टांके लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य पर लगातार रखी जा रही नजर
वन विहार प्रशासन के अनुसार, उपचार के दौरान बाघ की गतिविधियों और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान वन विहार के संचालक विजय कुमार, सहायक संचालक डॉ. रूही हक तथा सफारी प्रभारी सीता काकोड़िया भी मौजूद रहीं।