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250 City Buses Off Roads in Bhopal, Commuters Hit

भोपाल के 19 मार्गों से 250 सिटी बसें गायब, यात्री परेशान

भोपाल में 19 रूटों से 250 सिटी बसें बंद, केवल 7 रूटों पर सीमित संचालन। यात्रियों को परेशानी, अप्रैल से 100 ई-बसें शुरू करने की तैयारी।


भोपाल के 19 मार्गों से 250 सिटी बसें गायब यात्री परेशान

टिकट कलेक्शन विवाद, पेनल्टी, हाईकोर्ट मामलों और मेट्रो निर्माण से सड़कों के बंद होने से आया व्यवधान

राजधानी की सड़कों से 15 मार्च तक 19 रूटों से 250 सिटी बसें पूरी तरह हट चुकी हैं। पिछले एक साल से 25 रूटों पर चलने वाली 368 बसें चल रही थीं। इनमें से अब सिर्फ 7 रूटों पर लगभग 90 बसें ही दौड़ रही हैं। ऐसे में महिलाएं, छात्र और नौकरीपेशा समेत हर रोज करीब एक लाख से अधिक लोग परेशान हो रहे हैं। उन्हें महंगे किराये पर आवाजाही करनी पड़ रही है। महानगरवासियों को हो रही असुविधा को देखते हुए 100 ई-बसें अप्रैल में भोपाल के विभिन्न रूटों पर दौड़ने जा रही हैं।इस संबंध में बीसीसीएल अध्यक्ष मनोज राठौर ने बताया कि शासन ने अप्रैल 2026 से शहर के लिए 100 ई-बसें शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका संचालन ऑपरेटर ही करेंगे। इसके लिए टेंडर जारी होंगे। ये ई-बसें जल्द ही पहुंचने वाली हैं। हम इसकी तैयारी में जुटे हैं।

इन रूटों पर बसें बंद

मेट्रो और अन्य कारणों से इन रूटों पर बसें बंद हैं- रूट 301, 304, 306, 307, 106, 113, 115, 116, 204, 205, 208, 309, 311, 404, 406, 409, एसआर-8, टीआर-1 आदि।

अभी केवल इन सात मार्गों पर चल रहीं बसें

एसआर-2 नेहरू नगर- कृष्णा हाइट्स, एसआर-4 करोंद-बैरागढ़, एसआर-5 चिरायु-अवधपुरी, टीआर-4 चिरायु से सिमराई, टीआर-4 बी गांधी नगर से वर्धमान सिटी, टीआर-48 कोलार से करोंद, 413 रातीबढ़ से ट्रांसपोर्ट नगर। इन रूटों पर करीब 70 से 80 बसें संचालित की जा रही हैं।कुल मिलाकर बीते सवा साल में बीसीसीएल और निगम के जिम्मेदार इस समस्या का समाधान नहीं निकाल पाए। वहीं बसों का संचालन बंद होने से ड्राइवर और कंडक्टर के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।बता दें कि भोपाल में नगर निगम की बीसीसीएल इन बसों का संचालन ऑपरेटरों के माध्यम से करती है। करीब 12 साल पहले, 2014 से ऑपरेटरों के साथ निगम ने उक्त कंपनी के सहयोग से शहर की सड़कों पर बस संचालन शुरू किया था।

विधानसभा में भी उठा था मामला

राजधानी में बस संचालन को लेकर मामला विधानसभा के पटल तक पहुंच चुका है। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न लगाया था। उन्होंने बस संचालन फेल होने के लिए अधिकारियों और ऑपरेटरों की साठगांठ की बात कही थी। इस पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभाग के प्रमुख सचिव से जांच कराने का आश्वासन दिया था। कोरोना काल तक बस संचालन नियमित चलता रहा। रोजाना लगभग 1 से 1.5 लाख लोग इन बसों में सफर करते थे। इनमें सर्वाधिक महिलाएं, छात्र और नौकरीपेशा वर्ग शामिल थे।

इन कारणों से हुआ बस संचालन प्रभावित

कोरोना काल के बाद शहर की सुदृढ़ बस संचालन व्यवस्था पर असर पड़ना शुरू हुआ। कोरोना काल में करीब 1.5 साल बसें बंद रहने से ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। इसके बाद जब बस संचालन शुरू हुआ, तो टिकट कलेक्शन, किराया बढ़ोतरी, मार्ग पर देरी होने से पेनल्टी और कुछ मामलों में हाईकोर्ट में याचिका दायर होने से बीसीसीएल और ऑपरेटरों के बीच विवाद बढ़ता गया। परेशान ऑपरेटरों ने बसों का संचालन बंद करना शुरू कर दिया।

संचालन की वर्तमान स्थिति

इस समय लगभग 7 रूटों पर ही 80-90 बसें संचालित हो रही हैं। बाकी रूटों पर ऑपरेटरों ने ही संचालन बंद कर दिया है। वैसे भी इन बसों पर डीजल और मेंटेनेंस का खर्च काफी आता है। अब शासन के निर्देश पर नई ई-बसों की सौगात अप्रैल से दी जाएगी। इसकी तैयारी चल रही है।

- रोहित यादव  प्रबंधक, बीसीसीएल भोपाल