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BU Name Change Proposal Stalled

बरकतउल्ला विवि नाम बदलने का प्रस्ताव विरोध के बाद स्थगित, जानें फाइलों में क्यों बंद हुआ मामला

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव विरोध और प्रशासनिक अस्थिरता के चलते ठंडे बस्ते में चला गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने फिलहाल निर्णय रोक दिया है, विश्वविद्यालय यथावत चलेगा।


बरकतउल्ला विवि नाम बदलने का प्रस्ताव विरोध के बाद स्थगित जानें फाइलों में क्यों बंद हुआ मामला

BU name Change News |

भोपाल। राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया। नाम बदलने का कार्यसमिति की तरफ से प्रस्ताव पारित होते ही काफी विरोध हुआ। इस वजह से राज्य सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। फिलहाल ऐसे में विश्वविद्यालय फिलहाल अपने मौजूदा नाम से ही संचालित होता रहेगा।

जानकारी के अनुसार प्रस्ताव पारित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन इसे प्रक्रिया में लाता, इससे पहले विवि. प्रबंधन की ढिलाई को लेकर एबीवीपी के कुलगुरू पर लगे आरोपों के बाद कुलगुरू डॉ जैन ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही पारित प्रस्ताव भी फाइलों में बंद हो गया। बता दें कि हाल ती घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस, एनएसयूआई समेत कई छात्र संगठन ने विवि. का नाम बदलने का विरोध किया। इससे भी फाइलें आगे नहीं बढ़ी है। 

पता चला है कि इन घटनाक्रमों के बीच उच्च शिक्षा विभाग ने नाम बदलने के प्रस्ताव लंबित रखने को कह दिया है। ऐसे में विश्वविद्यालय फिलहाल अपने मौजूदा नाम से ही संचालित होता रहेगा। कार्यकारी परिषद् के एक सदस्य ने कहा है कि अब पूरा ध्यान ‘प्रशासनिक कामकाज को स्थिर करने’ पर लगा दिया है।

बता दें कि जून की शुरुआत में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने संस्थान का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। प्रस्ताव सामने आने के बाद प्रदेश में इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई थी। फिलहाल प्रस्ताव पर निर्णय न होने से यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया है। 

400 एकड़ में फैले इस विश्वविद्यालय की स्थापना 1970 में हुई थी और शुरू में इसका नाम भोपाल विश्वविद्यालय था. बाद में 1988 में इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी और विद्वान मोहम्मद बरकतुल्लाह भोपाली के नाम पर रखा गया।

इनका कहना है..

बरतकउल्ला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार समर बहादुर सिंह का कहना है कि बीयू का नाम बदलने की पहल कुलगुरू ने शुरू की थी। अब उनके जाने के बाद इसे रोक दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नाम बदलने के पक्ष में नहीं है। फिलहाल विवि. का नाम यथावत ही रहेगा।

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