उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सनौली मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के निश्चित पुरवा निवासी 32 वर्षीय मजदूर भानु आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए।
गोण्डा: उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सनौली मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के निश्चित पुरवा निवासी 32 वर्षीय मजदूर भानु आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। 24 जून को तटबंध के किनारे मिट्टी का काम करते समय मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया था। हमले में उनका पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
गंभीर हालत में कराया था भर्ती
गंभीर हालत में पहले उन्हें गोंडा के एक निजी अस्पताल, फिर जिला अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। करीब 34 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद बुधवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। सुबह शव गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया।
परिजनों का आरोप, बच सकती थी जान
परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन और वन विभाग से आर्थिक सहायता तथा बेहतर चिकित्सीय सहयोग मिलता तो भानु की जान बच सकती थी। उनका कहना है कि इलाज पर करीब चार लाख रुपये खर्च हुए, जिसके लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों से कर्ज लेना पड़ा। घायल पैर में संक्रमण लगातार बढ़ता गया और इलाज के दौरान हालत बिगड़ती चली गई।
उपचार के दौरान हुई मौत
उमरी बेगमगंज थानाध्यक्ष पवन मिश्रा ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में घायल भानु की लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं जिला आपदा विभाग के अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वन्य जीव के हमले में मृत्यु होने पर नियमानुसार आर्थिक सहायता का प्रावधान है। पीड़ित परिवार की पात्रता की जांच कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इकलौता बेटा था भानु
भानु परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके निधन से पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा, परिवार के पुनर्वास और बच्चों की शिक्षा-भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।