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Bargi Dam Tragedy Mother Son

मां ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा बेटे का साथ… बरगी डैम हादसे का मंजर देख नम हुईं आंखें

जबलपुर के बरगी डैम हादसे में मां-बेटे की दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर दिया। रेस्क्यू में सामने आई तस्वीर ने सवाल खड़े कर दिए—क्या लापरवाही बनी वजह?


मां ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा बेटे का साथ… बरगी डैम हादसे का मंजर देख नम हुईं आंखें

Jabalpur Cruise Accident |

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुआ क्रूज हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं रह गई है। अब यह कई सवालों का केंद्र बन गया है। शुक्रवार सुबह तक रेस्क्यू जारी है और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक 43 लोगों में से 28 को बचा लिया गया है। वहीं,अब भी कई लापता हैं। इस बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया।

रेस्क्यू टीम को मां और बेटे के शव एक-दूसरे से लिपटे मिले। यह दृश्य सिर्फ हादसा नहीं बल्कि उस आखिरी संघर्ष की कहानी कहता है। एक मां ने अपने बच्चे के लिए लड़ी। 

मां की आखिरी कोशिश देख आंखें नम हुईं

रेस्क्यू के दौरान मरिना मैसी का शव मिला। वह अपने चार साल के बेटे त्रिशान को सीने से चिपकाए थीं। तेज बहाव के बीच भी उन्होंने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। मां ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। लेकिन बच्चे के पास कोई सुरक्षा नहीं थी। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सुरक्षा इंतजाम अधूरे थे? जानकारी के अनुसार, दोनों दिल्ली से घूमने आए थे। हादसे में पिता और बेटी बच गए। लेकिन परिवार हमेशा के लिए टूट गया।

लाइफ जैकेट नहीं दी गई

हादसे से बची सिया ने जो बताया वह चौंकाने वाला है। उनके मुताबिक, क्रूज पर चढ़ते समय किसी को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। बीच डैम में अचानक तूफान आया और हालात बिगड़ गए। तब जाकर उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति ने लॉक तोड़कर जैकेट निकाली। अगर ये दावा सही है, तो यह सिर्फ हादसा नहीं, सीधी लापरवाही का मामला बनता है।

गांववालों ने रोका फिर भी बढ़ा क्रूज

सिया के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीणों ने पहले ही मौसम को देखते हुए क्रूज को आगे न जाने की सलाह दी थी। इसके बावजूद नाव को बीच पानी में ले जाया गया। कुछ ही देर बाद मौसम ने करवट ली और हादसा हो गया। यह पहलू प्रशासनिक जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। क्या चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया?

मौत का आंकड़ा और रेस्क्यू की जंग

अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। रेस्क्यू टीम लगातार डैम में सर्च ऑपरेशन चला रही है। क्रूज को भी बाहर निकालने की कोशिश हो रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति क्रूज के बाहर आने के बाद ही साफ होगी।

सरकार का एक्शन

घटना के बाद पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दे दिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और जल्द ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।

इस हादसे ने सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं?

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