अयोध्या में मंत्री दयाशंकर सिंह के यज्ञ स्थल में भीषण आग लगी। राम मंदिर से 800 मीटर दूर पंडाल जलकर खाक हुआ, फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर काबू पाया।
अयोध्या में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा आयोजित यज्ञ स्थल में अचानक आग लग गई। यह घटना राम मंदिर से करीब 800 मीटर की दूरी पर हुई, जहां एक एकड़ में फैला पूरा पंडाल कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गया।
यज्ञ समाप्त होने के बाद लगी आग
जानकारी के अनुसार, 9 दिवसीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का समापन करीब डेढ़ घंटे पहले ही हुआ था। अंतिम दिन यहां हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। आयोजन खत्म होने के बाद यज्ञशाला खाली हो चुकी थी। इसी दौरान एक नारियल फूटने से निकली चिंगारी ने कपड़े से बने पंडाल को आग की चपेट में ले लिया।
फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 10 गाड़ियों ने लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग तेजी से फैली, लेकिन राहत की बात यह रही कि यज्ञशाला पहले ही खाली हो चुकी थी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
1,251 कुंडों वाला विशाल आयोजन
इस यज्ञ में कुल 1,251 हवन कुंड बनाए गए थे। अंतिम दिन हजारों यजमानों ने आहुति दी थी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रमुख लोग शामिल हुए थे। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हादसे को लेकर आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजन में सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी थी।

प्रशासनिक जांच के संकेत
प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण चिंगारी बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों और आयोजन की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी। घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को रेखांकित किया है।