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आसिफ अली STF मुठभेड़ में मारा गया

यूपी STF के एनकाउंटर में 6 हत्याओं का आरोपी आसिफ अली ढेर, एक लाख का था इनामी

उत्तर प्रदेश में यूपी STF ने आसिफ अली को मुठभेड़ में मार गिराया। आसिफ पर 6 हत्याओं सहित कई संगीन अपराधों के मामले दर्ज थे।


यूपी stf के एनकाउंटर में 6 हत्याओं का आरोपी आसिफ अली ढेर एक लाख का था इनामी

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर में कुख्यात अपराधी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश आसिफ अली (40) को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार, एनकाउंटर सुबह करीब 4 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर जगदीशपुर गांव के पास हुआ। आसिफ पर पति-पत्नी समेत छह लोगों की हत्या, डकैती और लूट के कई संगीन मामले दर्ज थे।

घेराबंदी के दौरान की फायरिंग

STF के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि आसिफ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में अंबेडकरनगर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर वह बाइक से भागने लगा और पुलिस पर फायरिंग कर दी।जवाबी कार्रवाई में STF ने भी गोली चलाई, जिसमें आसिफ के सीने में दो गोलियां लगीं। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के हाथ में गोली भी लगी। मौके से एक पिस्टल, 12 बोर का तमंचा और बाइक बरामद की गई है।

छैमार गैंग का सरगना था आसिफ

आसिफ कुख्यात छैमार गैंग का सरगना था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में डकैती, लूट और हत्या की वारदातों के लिए कुख्यात रहा है। गिरोह के सदस्य रात के समय कच्छा-बनियान पहनकर घरों में घुसते थे, परिवार को बंधक बनाते थे और विरोध करने पर हत्या कर फरार हो जाते थे। वारदात के बाद आरोपी अपना नाम बदलकर दूसरे राज्यों में छिप जाते थे।

कई राज्यों में दर्ज थे 20 मुकदमे

नोएडा STF के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज थे। जौनपुर में डकैती के दौरान दो महिलाओं की हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

इन वारदातों में था शामिल

  • 19 अक्टूबर 2013: सुल्तानपुर में डकैती के दौरान एक व्यक्ति की हत्या।

  • 2014: जौनपुर के शाहगंज में डकैती के दौरान दो महिलाओं की हत्या।

  • 15 अगस्त 2015: कौशांबी में पति-पत्नी की हत्या कर डकैती।

  • 19 अगस्त 2015: मुजफ्फरनगर में कई घरों में डकैती और जानलेवा हमला।

  • 13 जनवरी 2021: कानपुर देहात के रसूलाबाद में एक व्यक्ति की हत्या।

ऐसे काम करता था छैमार गैंग

पुलिस के अनुसार, गिरोह की महिलाएं दिन में भीख मांगने या कूड़ा बीनने के बहाने घरों की रेकी करती थीं। रात में गिरोह के सदस्य कच्छा-बनियान पहनकर घरों में घुसते, लूटपाट करते और विरोध होने पर धारदार हथियार से हत्या कर देते थे। पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले गिरोह काली माता की पूजा करता और शराब का भोग लगाता था। गोली की आवाज से बचने के लिए हत्या अधिकतर धारदार हथियारों से की जाती थी। STF का कहना है कि आसिफ अली के मारे जाने से लंबे समय से सक्रिय इस कुख्यात गिरोह की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

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