इलाहाबाद हाई कोर्ट ने UP में 266 ADJ जजों का तबादला किया है, जिससे 13 जज जोड़ों को एक ही ज़िले में तैनात होने की अनुमति मिल गई है। जजों से 15 अप्रैल तक अपना कार्यभार संभालने को कहा गया है।
Allahabad High Court ने उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 266 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (ADJ) के तबादले कर दिए हैं। इस आदेश में एक खास पहल यह भी रही कि जज पति-पत्नी को एक ही जिले में पोस्टिंग दी गई है।
13 जज दंपतियों को साथ रहने का मौका
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, करीब 13 जज दंपतियों को एक ही जिले में नियुक्त किया गया है। इस फैसले को न्यायिक अधिकारियों के पारिवारिक संतुलन और कार्य-जीवन संतुलन को ध्यान में रखते हुए अहम माना जा रहा है। अब ये सभी दंपति एक ही जिले में अपनी सेवाएं देंगे, जिससे उन्हें अलग-अलग जिलों में रहने की समस्या से राहत मिलेगी।
15 अप्रैल तक कार्यभार संभालने के निर्देश
हाईकोर्ट ने सभी स्थानांतरित जजों को निर्देश दिया है कि वे 15 अप्रैल 2026 तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर लें। प्रशासनिक स्तर पर इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
न्यायिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल
266 ADJ जजों का एक साथ ट्रांसफर राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव का संकेत है। इस तरह के व्यापक तबादले आमतौर पर प्रशासनिक संतुलन, लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जज दंपतियों को एक ही जिले में पोस्टिंग देने का फैसला एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।