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अलीराजपुर के किसान की बड़ी उपलब्धि

अलीराजपुर के किसान ने किया कमाल! आम की 7 किस्मों में जीता पहला पुरस्कार, देशभर में बढ़ाया MP का मान

मध्य प्रदेश के युवराज सिंह राठौर ने लखनऊ आम महोत्सव-2026 में 7 विभिन्न किस्मों के आमों के लिए प्रथम पुरस्कार जीता, बने अन्य किसानों के लिए प्रेरणा।


अलीराजपुर के किसान ने किया कमाल आम की 7 किस्मों में जीता पहला पुरस्कार देशभर में बढ़ाया mp का मान

लखनऊ आम महोत्सव-2026 में युवराज सिंह राठौर का जलवा, 140 देशी-विदेशी किस्मों की करते हैं खेती, सालाना 20-22 लाख रुपये की कमाई।

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के छोटा ठंडवा गांव के किसान युवराज सिंह राठौर ने अपनी मेहनत और वैज्ञानिक खेती के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित आम महोत्सव-2026 में उन्होंने सात अलग-अलग किस्मों के आमों में प्रथम पुरस्कार जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि को आधुनिक बागवानी और वैज्ञानिक कृषि का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

7 किस्मों में पहला, एक में दूसरा पुरस्कार

आम महोत्सव-2026 में युवराज सिंह राठौर ने फजली, रोमानी, नूरजहां, राजापुरी, केसर, मनोहारी और हापुस (अल्फांसो) किस्म के आमों के लिए प्रथम पुरस्कार हासिल किया। वहीं चौसा किस्म के आम के लिए उन्हें द्वितीय पुरस्कार मिला। उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की।

140 देशी-विदेशी किस्मों का अनोखा बगीचा

युवराज सिंह राठौर के बगीचे में करीब 140 देशी और विदेशी आम की किस्मों का संरक्षण और उत्पादन किया जाता है। इनमें कई दुर्लभ और उच्च गुणवत्ता वाली प्रजातियां शामिल हैं। उनके आमों की मांग केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों तक है।

आधुनिक खेती से 20-22 लाख की सालाना आय

वैज्ञानिक तकनीकों और बेहतर बागवानी प्रबंधन के कारण युवराज सिंह हर साल आम की खेती से 20 से 22 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान दें, तो बागवानी भी बेहतर आमदनी का मजबूत माध्यम बन सकती है।

दादा से मिली प्रेरणा, वैज्ञानिकों ने दिखाई राह

युवराज सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा को देते हैं, जिन्होंने बचपन से ही उनमें खेती और प्रकृति के प्रति लगाव पैदा किया। बाद में उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों से तकनीकी मार्गदर्शन लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। इससे उत्पादन की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा

आज युवराज सिंह राठौर स्वयं किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अलीराजपुर जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनका मॉडल प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि परंपरागत अनुभव और आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान का समन्वय किसानों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

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