भोपाल एम्स में साइबर स्वच्छता पखवाड़ा के तहत संगोष्ठी हुई। एसपी प्रणय नागवंशी ने साइबर अपराधों के कारण और बचाव के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
एम्स भोपाल में साइबर जागरूकता संगोष्ठी, एसपी नागवंशी ने बताए साइबर अपराधों के कारण
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या संदिग्ध फाइल डाउनलोड करना व्यक्तिगत और वित्तीय नुकसान का कारण बन सकता है। लालच, भय और लापरवाही ही साइबर अपराधों के प्रमुख कारण हैं। इसके लिए केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहार में बदलाव और सतर्कता भी आवश्यक है। अनावश्यक जिज्ञासा के चलते किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल को खोलना व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार बना सकता है।
यह जानकारी राजधानी के एसपी साइबर सेल प्रणय नागवंशी ने दी। वे शुक्रवार को एम्स में आयोजित साइबर स्वच्छता-जागरूकता कार्यक्रम के तहत ‘साइबर स्वच्छता’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
साइबर सुरक्षा की सावधानियों का रखें ध्यान
इस मौके पर एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी मूलभूत सावधानियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कर्मियों से डिजिटल स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया, ताकि साइबर हमलों से प्रभावी बचाव किया जा सके।
15 अप्रैल तक मनाया जा रहा पखवाड़ा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर 15 अप्रैल तक साइबर स्वच्छता-जागरूकता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।कार्यक्रम में एसपी नागवंशी के अलावा मौजूद विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों के प्रकार, कारण और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। इस अवसर पर राघवेंद्र कुमार विदुआ, नोडल अधिकारी सहित एम्स के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एम्स भोपाल जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों और संस्थान के कर्मचारियों को सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।