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AI X-ray Machine Detects TB in 5 Minutes

अब घर बैठे होगी टीबी की पहचान, पांच मिनट में मिलेगी एक्स-रे रिपोर्ट

अब टीबी की पहचान घर बैठे संभव। एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से 5 मिनट में रिपोर्ट मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच अभियान शुरू किया।


अब घर बैठे होगी टीबी की पहचान पांच मिनट में मिलेगी एक्स-रे रिपोर्ट

टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान अब और आसान और तेज होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के जरिए घर-घर जाकर टीबी की जांच की नई व्यवस्था शुरू की है। इस तकनीक की मदद से महज 5 मिनट में फेफड़ों का एक्स-रे और उसकी रिपोर्ट तैयार हो रही है, जिससे मरीजों को अस्पतालों की लंबी कतारों से राहत मिल रही है।

घर बैठे जांच, तुरंत रिपोर्ट

अब तक टीबी के लक्षण दिखने पर मरीजों को जांच के लिए टीबी केंद्र जाना पड़ता था और एक्स-रे के लिए अलग से समय लगता था। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधा सीमित होने के कारण कई मरीज इलाज शुरू ही नहीं कर पाते थे। नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता सीधे घर पहुंचकर जांच करेंगे और तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की नई पहल

जिलावार टीबी मरीज (जनवरी-दिसंबर 2025)
भोपाल - 13,224
इंदौर - 10,093
धार - 4,877
दमोह - 3,904
भिंड - 3,065
देवास - 2,314
बड़वानी - 2,285

टीबी नियंत्रण की दिशा में अहम कदम

प्रदेश में टीबी मरीजों की संख्या को देखते हुए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वर्ष 2024 में भोपाल जिले में 12,818 मरीज सामने आए थे, जो 2025 में बढ़कर 13,224 हो गए। पूरे प्रदेश में 2025 में 1.52 लाख मरीज चिन्हित किए गए, हालांकि करीब 12 प्रतिशत मरीज अभी भी खोज से बाहर हैं। देश में टीबी के मामलों में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है।

विशेषज्ञों की राय

आरआईआरडी के अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे के अनुसार, “टीबी की समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। एआई मशीन से शुरुआती चरण में ही टीबी और निमोनिया का पता चल सकेगा, जिससे उपचार जल्दी शुरू होगा।”

वहीं, राज्य क्षय अधिकारी डॉ. रूबी खान ने बताया कि “2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य है। इसके लिए बड़े स्तर पर हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के जरिए अभियान चलाया जाएगा।”

तेज जांच से मिलेगा समय पर इलाज

नई तकनीक के जरिए न केवल जांच की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि मरीजों को समय रहते उपचार भी मिल सकेगा। इससे टीबी के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी और 2030 तक इसे समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने में गति मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर

ग्रामीण इलाकों में इस सुविधा को पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा विकसित एआई युक्त ‘डीपसीएक्सआर वी 1.1’ मशीन का 54 हजार लोगों पर परीक्षण किया गया, जिसमें 99 प्रतिशत मामलों में सटीक परिणाम मिले हैं।

 

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