खरीफ सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं पर सख्ती बढ़ा दी है।
Sitapur Fertilizer License Suspended: खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, दो लाइसेंस निलंबित |
हिमांशु सिंह, सीतापुर: खरीफ सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं पर सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार को विभिन्न खाद केंद्रों पर हुई जांच में अनियमितताएं मिलने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि दो अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इनको कारण बताओं नोटिस
मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी ने संयुक्त रूप से सिधौली क्षेत्र के कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान श्याम सुंदर इंटरप्राइजेज, कुंवरगढ़ी के अभिलेख अद्यतन नहीं मिले, जिस पर फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
ये लाइसेंस हुए निलंबित
वहीं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुरारका ब्रदर्स, जेल रोड सीतापुर तथा आनंद कृषि सेवा केंद्र, मुसौली के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इसके अलावा अग्निहोत्रा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, गनेरा चौराहा (सिधौली) को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जिले में उपलब्ध पर्याप्त भंडार
प्रशासन ने बताया कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में 1135 उर्वरक केंद्रों पर 1.15 लाख से अधिक बोरी यूरिया, 701 केंद्रों पर 46 हजार से अधिक बोरी डीएपी और 834 केंद्रों पर 1.13 लाख से अधिक बोरी एनपीके उपलब्ध है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य पर अधिकृत दुकानों से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूली की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।