लंदन में आयोजित वेलकम ट्रस्ट रिसर्च कल्चर समिट 2026 में सिटी सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ ने अहम भूमिका निभाई। सम्मेलन में यूके में शोध संस्कृति और उसके भविष्य पर चर्चा हुई।
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में आयोजित वेलकम ट्रस्ट के रिसर्च कल्चर समिट 2026 में वैश्विक स्तर के शोध विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में सिटी सेंट जॉर्ज, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के रिसर्च इम्पैक्ट विशेषज्ञ अनिरुद्ध सिंह भदौरिया ने प्रमुख भूमिका निभाई।
वेलकम ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में उच्च शिक्षा संस्थानों, यूके रिसर्च एंड इनोवेशन और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य यूनाइटेड किंगडम में रिसर्च कल्चर के भविष्य और उसकी दिशा पर विचार-विमर्श करना था।
सम्मेलन में अनिरुद्ध सिंह भदौरिया ने “Research Excellence to Public Value: Building an Impact-Ready Research Culture” विषय पर सत्र प्रस्तुत किया। इस सत्र में विश्वविद्यालयों में शोध को बेहतर मान्यता देने, समानता और समावेश को बढ़ावा देने, तथा शोध के सार्वजनिक प्रभाव को मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
खुले संवाद के इस सत्र में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। इसमें उभरते मॉडल, संस्थागत चुनौतियां और सहयोग के नए अवसरों पर गहन चर्चा हुई।
रिसर्च कल्चर पर वेलकम ट्रस्ट का फोकस
वेलकम ट्रस्ट पिछले कुछ वर्षों से रिसर्च कल्चर को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी दिशा में संस्था ने इंस्टीट्यूशनल रिसर्च कल्चर कम्युनिटी (IRCC) जैसे प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जो संस्थानों को सहयोग, सीख और जवाबदेही के लिए एक साझा मंच प्रदान करते हैं।
फाउंडेशन ने 2031 तक एक अधिक समावेशी फंडिंग सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शोधकर्ता बेहतर समर्थन प्राप्त करें और वैश्विक स्तर पर विविध समुदायों का प्रतिनिधित्व हो।

संस्थागत रणनीति और भविष्य की तैयारी
सिटी सेंट जॉर्ज, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन अपने रिसर्च कल्चर को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रहा है। इसमें इम्पैक्ट रणनीति, नॉलेज एक्सचेंज और साक्ष्य-आधारित शोध प्रमुख स्तंभ हैं। विश्वविद्यालय की यह पहल Research Excellence Framework 2029 की तैयारियों से भी जुड़ी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच संस्थानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी नीतियों और कार्यप्रणालियों को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं।