अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की तो अमेरिका 1000 मिसाइलों से तबाह कर देगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने दावा किया कि ईरान के खिलाफ 1000 मिसाइलें तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।ट्रम्प ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन पर हमला हुआ तो ईरान के कई हिस्सों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
इजराइल से वापस बुलाए गए 12 F-22 फाइटर जेट
इस बीच इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल के ओवदा एयरबेस से अपने 12 F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं। दावा किया गया है कि ये विमान ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में तैनात थे और हालिया ऑपरेशन में भी शामिल रहे।
ईरान की चेतावनी- हमला हुआ तो जवाब और कड़ा होगा
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अगर इजराइल ने उसके अहम ठिकानों पर दोबारा हमला किया तो उसका जवाब पहले से ज्यादा सख्त होगा। वहीं विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी सेना दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
CNN का दावा- परमाणु ठिकानों पर फिर शुरू हुआ काम
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपने क्षतिग्रस्त परमाणु ठिकानों पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सैटेलाइट तस्वीरों में निर्माण गतिविधियां और भारी मशीनरी दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, ईरान ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
होर्मुज और तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की बात कही गई थी। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
ट्रम्प और ईरान के बीच विवाद की जड़
अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव 2020 में उस समय और बढ़ गया था, जब ट्रम्प के पहले कार्यकाल में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी। इसके बाद से ईरान लगातार बदले की बात करता रहा है, जबकि अमेरिका कई बार ट्रम्प पर हमले की आशंका जता चुका है।