अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दावा- ईरान पर बढ़त, समझौता नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की चेतावनी। रूस ने शांति के लिए मध्यस्थता की पेशकश की।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस संघर्ष में बढ़त हासिल कर ली है। साथ ही उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है।
संबोधन में क्या बोले ट्रम्प?
करीब 19 मिनट के अपने भाषण में ट्रम्प ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मिसाइल, ड्रोन और नौसेना जैसी अहम ताकतों को नुकसान पहुंचा है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया, तो अमेरिका और कड़े कदम उठा सकता है।
'पाषाण युग में पहुंचा देंगे' वाली चेतावनी
अपने संबोधन में ट्रम्प का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने साफ कहा कि अगर बातचीत नहीं हुई, तो ईरान को 'स्टोन एज' यानी पाषाण काल जैसी स्थिति में पहुंचा दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में नेतृत्व में बदलाव हुआ है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर बताई जा रही है।
युद्ध की अवधि और लागत पर क्या कहा
ट्रम्प ने अमेरिकी नागरिकों की चिंताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने माना कि युद्ध की वजह से आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन इसे जरूरी बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वियतनाम युद्ध और इराक युद्ध जैसे संघर्ष कई साल तक चले थे, जबकि ईरान का मामला अभी शुरुआती दौर में है।
बातचीत पर बदला रुख
ट्रम्प ने ईरान से बातचीत की बात भी कही। हालांकि इससे पहले वे कह चुके थे कि समझौते की जरूरत नहीं है। इस बार उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है। ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर कहा कि इसकी जिम्मेदारी अन्य देशों को उठानी चाहिए। यह बयान भी उनके पहले के रुख से अलग माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले वे इसे लेकर सख्त शर्तें रख चुके थे।
रूस की पहल और कूटनीतिक हल की कोशिश
इस बीच रूस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। व्लादिमीर पुतिन की ओर से संकेत दिया गया है कि रूस इस संघर्ष को खत्म कराने में भूमिका निभाने को तैयार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि रूस क्षेत्रीय नेताओं के संपर्क में है और अगर जरूरत पड़ी तो कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय हस्तक्षेप कर सकता है।
मिस्र के साथ अहम बैठक
ईरान से जुड़े हालात पर चर्चा के लिए रूस और मिस्र के बीच बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें मिडिल ईस्ट की स्थिति, बढ़ते तनाव और संभावित समाधान पर बातचीत होने की उम्मीद है।
हालात पर नजर
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज हैं। एक तरफ सख्त बयानबाज़ी जारी है, तो दूसरी ओर बातचीत और मध्यस्थता की कोशिशें भी सामने आ रही हैं।