Breaking News
  • छत्तीसगढ़ के सुकमा में 5 लाख रुपए का इनामी नक्सली मारा गया
  • गुजरात के अमरेली में 3.1 मैग्नीट्यूड का भूकंप, 6 दिनों में दूसरा झटका
  • केंद्र सरकार का फैसला: पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिलेगा, हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा
  • एमपी के 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त
  • झांसी में कस्टडी से भागे बदमाश का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
  • सुल्तानपुर में वर्दी पहनते समय थाने में इंस्पेक्टर को लगी गोली, लखनऊ रेफर

होम > विदेश

Trump Iran Oil Threat Raises War Tension

ईरान का तेल मेरी पसंदीदा चीज-ट्रम्प, खार्ग द्वीप पर कब्जे की चेतावनी से बढ़ा युद्ध का खतरा

ट्रम्प के ईरान के तेल पर कब्जे वाले बयान से वैश्विक तनाव बढ़ा। खार्ग द्वीप पर नजर, परमाणु मुद्दे पर सख्ती और युद्ध के बीच कूटनीतिक हल की कोशिशें जारी।


ईरान का तेल मेरी पसंदीदा चीज-ट्रम्प खार्ग द्वीप पर कब्जे की चेतावनी से बढ़ा युद्ध का खतरा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ट्रंप के एक बयान ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रम्प ने खुलकर कहा कि वह ईरान के तेल पर नियंत्रण चाहते हैं और जरूरत पड़ने पर खार्ग द्वीप पर कब्जा भी किया जा सकता है। इस बयान ने पहले से जारी ईरान-इजराइल युद्ध को और भड़का दिया है।

ईरान के तेल पर नजर, क्यों अहम है खार्ग द्वीप?

खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह फारस की खाड़ी में स्थित वह केंद्र है, जहां से देश का करीब 90% कच्चा तेल निर्यात होता है। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका के पास इस द्वीप को अपने नियंत्रण में लेने के कई विकल्प मौजूद हैं और इसकी सुरक्षा उतनी मजबूत नहीं है.विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इस द्वीप पर किसी भी तरह का सैन्य दबाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ेगा।

समझौते की बात, लेकिन सख्त चेतावनी

ट्रम्प ने एक ओर जहां ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई, वहीं दूसरी ओर कड़ा रुख भी दिखाया। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान अमेरिकी शर्तें नहीं मानता, तो “ईरान के पास देश ही नहीं बचेगा। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम को हटाने के लिए सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

जंग के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई

रविवार को ईरान ने इजराइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजराइली सेना ने दावा किया कि ज्यादातर हमलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया. दक्षिणी इजराइल के औद्योगिक क्षेत्रों में हमलों के बाद आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।इसके अलावा Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain जैसे खाड़ी देशों में भी मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां बढ़ी हैं। कई जगह एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों को नाकाम किया, लेकिन क्षेत्र में डर और अस्थिरता बनी हुई है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर दिखना शुरू

इस संघर्ष का असर अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जबकि एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है।

कूटनीतिक प्रयास भी तेज

तनाव कम करने के लिए कई देश सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के बीच बैठक में युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत पर जोर दिया गया है। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी की है।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त, सैन्य हलचल तेज

इजराइल ने अपने कई इलाकों में सुरक्षा नियम सख्त कर दिए हैं। स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. वहीं अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और संवेदनशील बने रहने की आशंका है।

 

Related to this topic: