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Trump Iran Ceasefire Talks Update

ईरान-अमेरिका टकराव के बीच ट्रंप की सीजफायर की कोशिशें तेज, शर्तों पर अड़ा तेहरान

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सीजफायर की कोशिशें तेज। ईरान ने मुआवजा और सुरक्षा गारंटी की शर्त रखी, वहीं इजराइल-लेबनान संघर्ष भी बढ़ा।


ईरान-अमेरिका टकराव के बीच ट्रंप की सीजफायर की कोशिशें तेज शर्तों पर अड़ा तेहरान

Iran-Israel War |

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सीजफायर की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ युद्धविराम को लेकर बातचीत करना चाहती है। हालांकि, तेहरान ने इसके लिए सख्त शर्तें सामने रख दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ इस प्रक्रिया में सक्रिय हैं। लेकिन फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है।

ईरान की शर्त- पहले जंग रोको और मुआवजा दो

ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी वार्ता से पहले हमले रोके जाएं। साथ ही युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। तेहरान ने यह भी मांग रखी है कि भविष्य में उस पर दोबारा हमला नहीं होगा, इसकी ठोस गारंटी दी जाए। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका इन सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है, खासकर मुआवजे के मुद्दे पर।

मध्यस्थ देशों की भूमिका बढ़ी

अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संपर्क न होने के कारण कई देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। मिस्र, कतर और ब्रिटेन इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को रोके। साथ ही यूरेनियम एनरिचमेंट पर भी रोक लगाए और परमाणु ठिकानों को बंद करे।

लेबनान ने इजराइल पर लगाया बड़ा आरोप

इधर लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजराइल के हमलों को ग्राउंड इनवेजन की तैयारी बताया है। उनका कहना है कि दक्षिणी लेबनान में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। औन के मुताबिक, इजराइल लितानी नदी के आसपास बफर जोन बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

अमेरिका ने खारिज किया F-15 गिराए जाने का दावा

ईरान के दावे के उलट अमेरिका ने कहा है कि उसका कोई भी फाइटर जेट नुकसानग्रस्त नहीं हुआ है। यूएस सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि सभी F-15 विमान सुरक्षित हैं। अब तक 8 हजार से ज्यादा कॉम्बैट मिशन पूरे किए जा चुके हैं। इससे पहले ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि होर्मुज के पास एक अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया गया।

इजराइल का दावा- ईरान के ठिकानों पर फिर हमला

इजराइल ने कहा है कि उसने ईरान के कई हथियार उत्पादन केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें डिफेंस मंत्रालय से जुड़े केंद्र और IRGC एयरफोर्स के ठिकाने भी शामिल बताए गए हैं। इजराइल का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।

लेबनान में बढ़ता मौत का आंकड़ा

संघर्ष के बीच लेबनान में हालात गंभीर बने हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक 1,029 लोगों की मौत हो चुकी है। 2,786 लोग घायल बताए गए हैं। लगातार हो रही एयरस्ट्राइक का असर आम नागरिकों पर साफ दिखाई दे रहा है।

ईरान की चेतावनी- जवाब मैदान में देंगे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिकी चेतावनियों के बाद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईरान धमकियों का जवाब मैदान में देगा। साथ ही यह भी कहा कि देश के खिलाफ दबाव उसे और मजबूत कर रहा है।

WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने परमाणु ठिकानों पर हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि ऐसे हमले सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि IAEA हालात की निगरानी कर रही है। फिलहाल रेडिएशन बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं। WHO ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को बिगड़ने से रोकने की अपील की है।

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